लंदन: ब्रिटेन की मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी ने ब्रिटिश भारतीय समुदाय का समर्थन वापस पाने के लिए कई उपायों की घोषणा की है. इनमें भारत की यात्राएं आयोजित करने से लेकर सामुदायिक स्वयंसेवकों को नियुक्त करने तक आदि उपाय शामिल हैं. द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में दूसरा सबसे बड़ा आप्रवासी और सबसे बड़े अल्पसंख्यक-जातीय समूह लगभग दो-तिहाई ब्रिटिश भारतीयों ने वर्षों तक Labour Party UK का समर्थन किया, लेकिन यूके स्थित थिंक-टैंक के अनुसार अब इसमें तेजी से गिरावट आई है. इससे पता चलता है कि 2019 में केवल 30 प्रतिशत ने कीर स्टारर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी को वोट दिया, जबकि 2010 में 61 प्रतिशत ने समर्थन किया था.
लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया: पार्टी के एक पदाधिकारी ने अखबार को बताया, "हमने वर्षों से भारतीय मतदाताओं को हल्के में लिया है, लेकिन यह स्पष्ट होता जा रहा है कि वे कहीं और जा रहे हैं और हमें इसके बारे में कुछ करने की जरूरत है." समुदाय के साथ फिर से जुड़ने के लिए, पार्टी ने नई पहल शुरू की है, इसमें सामुदायिक आउटरीच स्वयंसेवकों को नियुक्त करना, लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया समूह को पुनर्जीवित करना और अपने दो वरिष्ठ छाया मंत्रियों के लिए भारत की यात्रा का आयोजन करना शामिल है.
समूह के अध्यक्ष कृष रावल ने द गार्जियन को बताया, "कार्यक्रम संगठन और सोशल मीडिया प्रसार पर केंद्रित एक व्यापक प्रचार पहल के रूप में, हम Labour Party की जीत सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों के व्यापक समूह की सेवा करना चाहते हैं." समूह ने भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर लेबर संसदीय उम्मीदवारों को जानकारी देने के लिए दो स्वयंसेवकों को नियुक्त किया है, और रविवार को, छाया मंत्री डेविड लैमी और जोनाथन रेनॉल्ड्स पांच दिवसीय यात्रा पर दिल्ली और मुंबई की यात्रा करेंगे.