नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सैन्य ताकत नहीं बढ़ानी चाहिए क्योंकि इससे इस्लामाबाद नई दिल्ली के खिलाफ परमाणु हथियार तैनात करने की सोच सकता है. 15 अप्रैल को चिल पिल के साथ एक साक्षात्कार में मणिशंकर अय्यर ने ये बातें कहीं.
पूर्व राजनयिक और भारत-पाकिस्तान संबंधों को सामान्य बनाने के मुखर समर्थक अय्यर ने कहा कि सरकार चाहे तो इस्लामाबाद से सख्ती से बात कर सकती है, लेकिन अगर वह पड़ोसी देश का सम्मान नहीं करेगी तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि उनके पास परमाणु बम हैं. हमारे पास भी हैं, लेकिन अगर कोई 'पागल' लाहौर पर बम गिराने का फैसला करता है, तो विकिरण को अमृतसर तक पहुंचने में 8 सेकंड नहीं लगेंगे.
अय्यर ने कहा कि अगर हम उनका सम्मान करते हैं, तो वे शांतिपूर्ण रहेंगे. लेकिन अगर हम उनका तिरस्कार करते हैं, तो क्या होगा यदि कोई 'पागल' (भारत पर) बम फेंकने का फैसला कर ले?
मणिशंकर अय्यर के इस बयान पर उत्तर पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार उदित राज ने कहा कि मणिशंकर अय्यर के पास कोई आधिकारिक पद नहीं है. इसलिए, वह जो भी कहते हैं वह उनकी निजी राय है. कांग्रेस पार्टी का ऐसा कोई रुख नहीं है. कांग्रेस इस पर कुछ नहीं बोल रही है.
अय्यर के पाकिस्तान समर्थक रुख की कई भाजपा नेताओं ने आलोचना की. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि यह टिप्पणी कांग्रेस की विचारधारा को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि राहुल की कांग्रेस 'विचारधारा' इन चुनावों में पूरी तरह से दिखाई दे रही है. सियाचिन छोड़ने की पेशकश सहित पाकिस्तान को समर्थन, घरेलू आतंक से जुड़े संगठनों और एसडीपीआई, यासीन मलिक जैसे लोगों को समर्थन. बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और पैसे की लूट गरीब, जातिवाद, विभाजन और सैम पित्रोदा की अज्ञानता, एससी, ओबीसी और एसटी सहित अन्य सभी की कीमत पर मुस्लिम समुदाय को खुश करना.