नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली के लिए बातचीत करने पर सहमति व्यक्त की है. वहीं जकार्ता के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भारत की विमान वाहक निर्माण क्षमताओं में रुचि दिखाई है.
भारत दुनिया के उन अग्रणी देशों में शामिल है जो अपने बल पर विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता रखता है. रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि हाल ही में भारतीय पक्ष के साथ हुई बैठकों के दौरान जकार्ता के वरिष्ठ अधिकारियों ने विमानवाहक पोत निर्माण पर सहयोग में रुचि व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी जकार्ता के साथ जहाज निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं. भारत और इंडोनेशिया ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल सौदे पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गए हैं. उम्मीद है कि इंडोनेशियाई टीम जल्द ही बातचीत के लिए भारत आएगी. सूत्रों ने बताया कि इंडोनेशिया के साथ मिसाइल सौदे के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रूस से मंजूरी लेना होगी.
भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल सफलतापूर्वक बेची है. फिलीपींस ने कुछ साल पहले 335 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का ऑर्डर दिया था. मिसाइल की डिलीवरी पहले ही हो चुकी है और जल्द ही और डिलीवरी की उम्मीद है. वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और मध्य पूर्व के कई देशों ने भारत-रूस संयुक्त उद्यम मिसाइल प्रणाली में रुचि दिखाई है. इसमें रूस के कई घटक शामिल हैं.
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो 23-26 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे. वे भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें कई मंत्री, इंडोनेशिया के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल था.