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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना - Jammu Kashmir Assembly Elections - JAMMU KASHMIR ASSEMBLY ELECTIONS

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है. इस अधिसूचना में बताया गया है कि 18 सितंबर को 24 सीटों पर मतदान किए जाएंगे. इसमें कहा गया है कि इन सीटों के लिए 27 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं.

ELECTION COMMISSION OF INDIA
भारत निर्वाचन आयोग (फोटो - ANI Photo)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : Aug 20, 2024, 12:22 PM IST

श्रीनगर: भारतीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें 18 सितंबर को 24 सीटों पर मतदान होना है.

पहले चरण में 24 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होना है, जिनमें पंपोर, त्राल, पुलवामा, राजपोरा, ज़ैनापोरा, शोपियां, डीएच पोरा, कुलगाम, देवसर, दूरू, कोकरनाग (एसटी), अनंतनाग (पश्चिम), अनंतनाग, श्रीगुफारा-बिजबेहरा, शंगस - अनंतनाग (पूर्व), पहलगाम, इंदरवाल, किश्तवाड़, पैडर-नागसेनी, भद्रवाह, डोडा, डोडा (पश्चिम), रामबन और बनिहाल शामिल हैं.

चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार, उम्मीदवार इन सीटों के लिए 27 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 28 अगस्त को की जाएगी. चुनाव आयोग ने नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अगस्त तय की है.

ईसीआई की अधिसूचना से पहले, जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल ने एक अलग अधिसूचना जारी कर इन 24 निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार जम्मू और कश्मीर विधान सभा के सदस्यों का चुनाव करने का आह्वान किया था.

केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव तीन चरणों में होंगे, दूसरा चरण 25 सितंबर को होगा, जिसमें 26 सीटों के लिए मतदान होंगे और तीसरा और अंतिम चरण 1 अक्टूबर को होगा, जिसमें 40 सीटों के लिए मतदान होंगे.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2014 के 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होंगे. 2014 में पीडीपी और बीजेपी ने गठबंधन सरकार बनाई थी, जो 19 जून, 2018 तक चली जब बीजेपी ने पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया. उस समय महबूबा मुफ़्ती जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री थीं और जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल द्वारा प्रशासित राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था.

5 अगस्त 2019 को भाजपा सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया. तब से यूटी का प्रशासन एलजी और उनके एकमात्र सलाहकार के हाथों में है.

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