श्रीनगर: लंबे समय से देवप्रयाग व हिंडोलाखाल (Devprayag Hindolakhal Block) में मनरेगा के कार्यों का भुगतान नहीं हो पाया है. जिससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत ग्रामीणों ने कार्य तो किया है, लेकिन उन्हें अभी तक भी गुगतान नहीं मिला है. जिस कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है.
देवप्रयाग के हिंडोलाखाल ब्लॉक में 5 करोड़ 80 लाख रुपये का भुगतान मनरेगा के तहत होना है. ब्लॉक प्रमुख हिंडोलाखाल सूरज पाठक ने बताया कि 2020 से अभी तक मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान (non payment of MNREGA work) नहीं हो पाया है. भुगतान न होने से बेरोजगार प्रवासी व ग्रामीणों में आक्रोश है. पिछला भुगतान न होने के कारण नये कार्याें के लिए दुकानदार सामग्री उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं. बताया कि विकासखंड की 104 पंचायतों के ग्रामीण मनरेगा पर निर्भर हैं. ये ग्रामीण मनरेगा में कार्य कर अपनी आजीविका चलाते हैं. लेकिन बीते दो सालों से मनरेगा का भुगतान न होने से ग्रामीणों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द उन्हें मनरेगा का भुगतान नहीं किया गया तो वो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. वहीं मामले में सूरज पाठक ने जिलाधिकारी टिहरी से हस्तक्षेप की मांग की है. उनका कहना है कि ग्रामीण मनरेगा में मेहनत के साथ ग्राम सभाओं में विकास का काम कर रहे हैं. छोटी से छोटी योजनाओं को गांवों तक पहुंचा रहे हैं. लेकिन उन्हें उनके हक का पैसा नहीं मिल रहा है. लोग स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इसका दोष दे रहे हैं.