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जानिए सांसद अजय भट्ट क्यों पहनते हैं टोपी? उन्हीं की जुबानी - पहाड़ी टोपी

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अजय भट्ट पहनते हैं तरह-तरह की पहाड़ की टोपी. पहाड़ टोपियों के प्रति शुरुआत से ही उनका लगाव लगा रहा है.

अजय भट्ट
सांसद अजय भट्ट
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Published : Jan 4, 2020, 7:02 AM IST

Updated : Jan 4, 2020, 7:43 AM IST

हल्द्वानीः उत्तराखंडवासियों की शान रही पहाड़ी टोपी गांव-गांव से विलुप्त होने की कगार पर है. अपनी प्राचीन वेशभूषा और सांस्कृतिक कलाकृतियों और विभिन्न परंपराओं वाले उत्तराखंड की अपनी अलग ही पहचान है. शादी विवाह हो या तीज त्योहार या अन्य कोई शुभ अवसर हो यहां टोपी पहनने का रिवाज है, लेकिन बदलते दौर ने लोगों को इन टोपी से उसे दूर कर दिया है, लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट पहाड़ की टोपी को महत्व को समझते हैं और हमेशा अपने सर पर टोपी पहनकर चलते हैं. यही वजह है कि आज अजय भट्ट की कुशल राजनीतिज्ञ की पहचान उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि देश पूरे देश में की जाती है.

सांसद अजय भट्ट का टोपी प्रेम.

सांसद अजय भट्ट कुमाऊं के रीति रिवाज और संस्कृति को कभी नहीं भूलते हैं. यही वजह है कि अपने कार्यक्रम में पहाड़ी बोली भाषा के साथ-साथ पहाड़ की रीति रिवाज की भी बात करते हैं. यही वजह है कि अजय भट्ट अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों में टोपी पहनकर आते हैं.अजय भट्ट को पहाड़ की टोपी बहुत पसंद है यही वजह है कि अजय भट्ट के पास सैकड़ों की संख्या में पहाड़ की टोपी रखी हुई हैं.

हर रोज अपने कार्यक्रम में अलग-अलग टोपी पहने देखे जा सकते हैं.अजय भट्ट बताते हैं कि टोपी पहनना पहाड़ की संस्कृति है. यही नहीं उत्तराखंड से लगे नेपाल और हिमाचल से उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है. यही वजह है कि नेपाली गोरखा और हिमाचल की टोपी पहनते हैं.

यह भी पढ़ेंः 9 और 10 जनवरी को होगी दून नगर निगम की बोर्ड बैठक, कार्यकारिणी का होगा चुनाव

अजय भट्ट बताते हैं कि गर्मियों में गर्मी के अनुसार टोपी पहनते हैं जबकि सर्दियों में सर्दी के अनुसार टोपी पहनते हैं और टोपी उनकी सर की पहचान है.लोकसभा के 543 सांसदों में फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे में देश की संसद में संयुक्त रूप से 25 वरिष्ठ सांसदों का चयन किया गया जिसमें अजय भट्ट भी शामिल रहे

हल्द्वानीः उत्तराखंडवासियों की शान रही पहाड़ी टोपी गांव-गांव से विलुप्त होने की कगार पर है. अपनी प्राचीन वेशभूषा और सांस्कृतिक कलाकृतियों और विभिन्न परंपराओं वाले उत्तराखंड की अपनी अलग ही पहचान है. शादी विवाह हो या तीज त्योहार या अन्य कोई शुभ अवसर हो यहां टोपी पहनने का रिवाज है, लेकिन बदलते दौर ने लोगों को इन टोपी से उसे दूर कर दिया है, लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट पहाड़ की टोपी को महत्व को समझते हैं और हमेशा अपने सर पर टोपी पहनकर चलते हैं. यही वजह है कि आज अजय भट्ट की कुशल राजनीतिज्ञ की पहचान उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि देश पूरे देश में की जाती है.

सांसद अजय भट्ट का टोपी प्रेम.

सांसद अजय भट्ट कुमाऊं के रीति रिवाज और संस्कृति को कभी नहीं भूलते हैं. यही वजह है कि अपने कार्यक्रम में पहाड़ी बोली भाषा के साथ-साथ पहाड़ की रीति रिवाज की भी बात करते हैं. यही वजह है कि अजय भट्ट अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों में टोपी पहनकर आते हैं.अजय भट्ट को पहाड़ की टोपी बहुत पसंद है यही वजह है कि अजय भट्ट के पास सैकड़ों की संख्या में पहाड़ की टोपी रखी हुई हैं.

हर रोज अपने कार्यक्रम में अलग-अलग टोपी पहने देखे जा सकते हैं.अजय भट्ट बताते हैं कि टोपी पहनना पहाड़ की संस्कृति है. यही नहीं उत्तराखंड से लगे नेपाल और हिमाचल से उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है. यही वजह है कि नेपाली गोरखा और हिमाचल की टोपी पहनते हैं.

यह भी पढ़ेंः 9 और 10 जनवरी को होगी दून नगर निगम की बोर्ड बैठक, कार्यकारिणी का होगा चुनाव

अजय भट्ट बताते हैं कि गर्मियों में गर्मी के अनुसार टोपी पहनते हैं जबकि सर्दियों में सर्दी के अनुसार टोपी पहनते हैं और टोपी उनकी सर की पहचान है.लोकसभा के 543 सांसदों में फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे में देश की संसद में संयुक्त रूप से 25 वरिष्ठ सांसदों का चयन किया गया जिसमें अजय भट्ट भी शामिल रहे

Intro: sammry- बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अजय भट्ट पहनते हैं तरह-तरह के पहाड़ की टोपी। जानिए अजय भट्ट की टोपी का क्या है राज...


एंकर-पहाड़ वासियों की शान रही पहाड़ी टोपी गांव गांव घर से विलुप्त होने के कगार पर है ।अपनी प्राचीन वेशभूषा और सांस्कृतिक कलाकृतियों और विभिन्न परंपराओं वाले उत्तराखंड की अपनी अलग ही पहचान है । शादी विवाह हो या तीज त्यौहार शुभ अवसर हो या मांगलिक कार्य यहाँ टोपी पहनने का रिवाज है । लेकिन बदलते दौर ने लोगों को इन टोपी उसे दूर कर दिया लेकिन। लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल सांसद अजय भट्ट पहाड़ की टोपी को महत्व को समझते हैं और हमेशा अपने सर पर टोपी पहन कर चलते हैं यही वजह है कि आज अजय भट्ट की कुशल राजनीतिज्ञ की पहचान उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि देश पूरे देश मे की जाती है।


Body:बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल लोकसभा सीट से सांसद अजय भट्ट प्रदेश के कुशल राजनीतिज्ञ माने जाते हैं और अपने कुमाऊं के रीति रिवाज और संस्कृति को कभी नहीं भूलते हैं ।यही वजह है कि अपने कार्यक्रम में पहाड़ी बोली भाषा के साथ-साथ पहाड़ की रीति रिवाज की भी बात करते हैं। यही वजह है कि अजय भट्ट अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों में टोपी पहन कर आते हैं। अजय भट्ट को पहाड़ की टोपी बहुत पसंद है यही वजह है कि अजय भट्ट के पास सैकड़ों की संख्या में पहाड़ की टोपी रखी हुई है। हर रोज अपने कार्यक्रम में अलग-अलग टोपी पहने देखे जा सकते हैं। अजय भट्ट बताते हैं कि टोपी पहना पहाड़ की संस्कृति है ।यही नहीं उत्तराखंड से लगे नेपाल और हिमाचल से उत्तराखंड का गहरा रिश्ता है यही वजह है कि नेपाली गोरखा और हिमाचली टोपी भी पहनते हैं। अजय भट्ट बताते हैं कि गर्मियों में गर्मी के अनुसार टोपी पहनते हैं जबकि सर्दियों में सर्दी के अनुसार टोपी पहनते हैं और टोपी उनकी सर की पहचान है।

बाइट-अजय भट्ट


Conclusion:17 वे लोकसभा चुनाव में देश भर के 543 सांसद चुनकर आए जिसमें फेम इंडिया एशिया पोस्ट सर्वे में देश के संसद में संयुक्त रूप से 25 वरिष्ठ सांसदों का चयन किया गया जिसमें अजय भट्ट भी शामिल रहे।

Last Updated : Jan 4, 2020, 7:43 AM IST
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