नैनीताल: काशीपुर में नर्सिंग कॉलेज खोलने को लेकर अनुमति दिए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर संबंधित विभाग से याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने के निर्देश जारी किए हैं.
केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमावली के खिलाफ अनुमति: मामले के अनुसार काशीपुर निवासी संदीप सिंह ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर किया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि काशीपुर में 20 किलोमीटर की परिधि में राज्य सरकार ने तीन से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज खोलने की अनुमति प्रदान की है, जो कि केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमावली के खिलाफ है.
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कॉलेजों की मान्यता रद्द होने पर छात्रों के भविष्य पर बुरा असर: याचिकाकर्ता का कहना है कि नर्सिंग कॉलेज खोलने के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन में 5 किलोमीटर की दूरी के मानक रखे गए हैं. जिसका पालन नहीं किया जा रहा है. भविष्य में अगर इन कॉलेजों की मान्यता रद्द होती है तो छात्रों के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है. जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी नियमावली का पालन किया जाए.
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कांति राम जोशी को हाईकोर्ट से जमानत मिली: वहीं, उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग के निलंबित सहायक निदेशक कांति राम जोशी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. कांति राम जोशी पर विभाग में वित्तीय अनियमितता के साथ सरकारी धन का गबन और टिहरी में छात्रवृत्ति में गड़बड़ी के आरोप हैं. जिसके चलते वो जेल में बंद हैं.