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ये क्या! उत्तराखंड में इस जगह कांवड़ियों को एस्कॉर्ट करता है वन विभाग, जानें वजह - Corbett forest personnel are evacuating the Kanwariyas safely from the Wildlife Movement Area from Amdanda to Mohan area

कुमाऊं मंडल के वन क्षेत्र में कांवड़ियों को वनकर्मी सुरक्षा घेरे के साथ उनके गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं. इसके लिए बकायदा विशेष टीमें तैनात की गई हैं.

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वन कर्मियों के सुरक्षा घेरे में कावड़िए
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Published : Jul 31, 2022, 3:24 PM IST

Updated : Jul 31, 2022, 4:52 PM IST

रामनगर: हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों को कॉर्बेट प्रशासन की टीम ने रामनगर के आमडंडा से मोहान क्षेत्र तक पहुंचाया. इस दौरान वनकर्मी कांवड़ियों की अगुवाई करते नजर आए. देखने वाले इसे कोई वन विभाग की श्रद्धा से जोड़कर देख रहा था तो कोई इसकी कुछ और ही वजह बता रहा था. आखिर ऐसा क्या हुआ जो कॉर्बेट प्रशासन को कांवड़ियों को सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी.

दरअसल, रामनगर के आमडंडा से मोहान क्षेत्र तक का एरिया वन्यजीवों के मूवमेंट का एरिया है. जिसके कारण वन विभाग के साथ ही कॉर्बेट प्रशासन इस क्षेत्र में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए एस्कॉर्ट करता है. इसी कड़ी में हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों को भी कॉर्बेट प्रशासन के कर्मचारियों ने इस क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला. वन्यजीव प्रभावित इस क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को उनकी सीमा तक पैदल पहुंचाया गया.

कांवड़ियों को एस्कॉर्ट करता है वन विभाग.

पढे़ं-उत्तराखंड में 'आसमानी' आफत: भारी बारिश से कुमाऊं में 55 सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त

बता दें हरिद्वार से जल लेकर कुमाऊं और गढ़वाल के क्षेत्रों की ओर जाने वाले कांवड़ियों को कॉर्बेट प्रशासन की टीम द्वारा गर्जिया, आमडंडा एवं मोहान तक सकुशल पहुंचाने के लिए वन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. कांवड़ियों को वन कर्मियों के सुरक्षा के घेरे में उनके गंतव्य तक छोड़ा जा रहा है.

पढे़ं- पिथौरागढ़: धारचूला के सोबला में बादल फटा, घाटी का पुल बहा

वन कर्मी बिजरानी पर्यटन जोन के पास तैनात हैं, वहां से वन कर्मी कांवड़ियों को सुरक्षा घेरे में अपनी सीमा मोहान तक छोड़ कर आ रहे हैं. वहां से अल्मोड़ा की टीम द्वारा उनको सुरक्षा घेरे में उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है. यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि लगातार मोहान और आसपास के क्षेत्रों में बाघ की मूवमेंट दिखाई दे रही है.

रामनगर: हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों को कॉर्बेट प्रशासन की टीम ने रामनगर के आमडंडा से मोहान क्षेत्र तक पहुंचाया. इस दौरान वनकर्मी कांवड़ियों की अगुवाई करते नजर आए. देखने वाले इसे कोई वन विभाग की श्रद्धा से जोड़कर देख रहा था तो कोई इसकी कुछ और ही वजह बता रहा था. आखिर ऐसा क्या हुआ जो कॉर्बेट प्रशासन को कांवड़ियों को सुरक्षा मुहैया करानी पड़ी.

दरअसल, रामनगर के आमडंडा से मोहान क्षेत्र तक का एरिया वन्यजीवों के मूवमेंट का एरिया है. जिसके कारण वन विभाग के साथ ही कॉर्बेट प्रशासन इस क्षेत्र में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए एस्कॉर्ट करता है. इसी कड़ी में हरिद्वार से जल लेकर आ रहे कांवड़ियों को भी कॉर्बेट प्रशासन के कर्मचारियों ने इस क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला. वन्यजीव प्रभावित इस क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को उनकी सीमा तक पैदल पहुंचाया गया.

कांवड़ियों को एस्कॉर्ट करता है वन विभाग.

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बता दें हरिद्वार से जल लेकर कुमाऊं और गढ़वाल के क्षेत्रों की ओर जाने वाले कांवड़ियों को कॉर्बेट प्रशासन की टीम द्वारा गर्जिया, आमडंडा एवं मोहान तक सकुशल पहुंचाने के लिए वन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं. कांवड़ियों को वन कर्मियों के सुरक्षा के घेरे में उनके गंतव्य तक छोड़ा जा रहा है.

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वन कर्मी बिजरानी पर्यटन जोन के पास तैनात हैं, वहां से वन कर्मी कांवड़ियों को सुरक्षा घेरे में अपनी सीमा मोहान तक छोड़ कर आ रहे हैं. वहां से अल्मोड़ा की टीम द्वारा उनको सुरक्षा घेरे में उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है. यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि लगातार मोहान और आसपास के क्षेत्रों में बाघ की मूवमेंट दिखाई दे रही है.

Last Updated : Jul 31, 2022, 4:52 PM IST
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