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देहरादून: होटल-रेस्टोरेंट में नहीं होगी न्यू ईयर पार्टी, प्रशासन के फैसले से हताश कारोबारी - देहरादून में होटल-रेस्टोरेंट संचालक हताश

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी देहरादून में नए साल पर होटल या रेस्टोरेंट में किसी भी तरह की पार्टियों का आयोजन नहीं होगा. जिला प्रशासन के इस फैसले से होटल या रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ा झटका लगा है.

Dehradun news
न्यू ईयर का पार्टी
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Published : Dec 29, 2020, 9:22 PM IST

देहरादून: लॉकडाउन की वजह से पहले ही करोड़ों रुपए का नुकसान झेल चुके होटल और रेस्टोरेंट संचालकों देहरादून जिला प्रशासन ने नए साल पर एक और झटका दिया है. जिला प्रशासन के इस फरमान ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की कमर तोड़ दी है. जिला प्रशासन ने नए साल के मौके पर पार्टियों पर बैन लगा दिया है. जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों खासे हताश हैं.

प्रशासन के फैसले से हताश कारोबारी

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी देहरादून में नए साल पर होटल या रेस्टोरेंट में किसी भी तरह की पार्टियों का आयोजन नहीं होगा. जिला प्रशासन के इस फैसले से होटल या रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि उन्हें उम्मीद थी किछले करीब नौ महीनों से पटरी से उतर चुकी उनकी आर्थिक व्यवस्था नए साल पर थोड़ी बहुत पटरी पर आती, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 दिसम्बर की रात होटल-रेस्टोरेंट्स और बार में पार्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.

पढ़ें- देहरादून DM ने होटल संचालकों को दी राहत, नए साल पर जश्न मनाने की सशर्त मंजूरी

ईटीवी भारत से बात करते हुए देहरादून के होटल संचालक हरीश विरमानी ने जिला प्रशासन के इस फैसले आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पार्टियों पर बैन लगा कर कोरोना संक्रमण के रोकथाम का प्रयास तो जरूर कर रही है, लेकिन जिस तरह नए साल के जश्न के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक देहरादून और मसूरी का रुख कर रहे हैं उससे कोरोना संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है. अगर सरकार और जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण पर इतना ही अंकुश लगाना चाहती है तो उसे बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है या नहीं इस पर भी नजर रखनी चाहिए.

देहरादून के मशहूर ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के मैनेजर महावीर सिंह रावत का कहना है कि हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर पर तकरीबन दो से तीन लाख रुपए का पार्टियां होती थी, लेकिन इस बार सब शून्य हो गया.

देहरादून: लॉकडाउन की वजह से पहले ही करोड़ों रुपए का नुकसान झेल चुके होटल और रेस्टोरेंट संचालकों देहरादून जिला प्रशासन ने नए साल पर एक और झटका दिया है. जिला प्रशासन के इस फरमान ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की कमर तोड़ दी है. जिला प्रशासन ने नए साल के मौके पर पार्टियों पर बैन लगा दिया है. जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों खासे हताश हैं.

प्रशासन के फैसले से हताश कारोबारी

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी देहरादून में नए साल पर होटल या रेस्टोरेंट में किसी भी तरह की पार्टियों का आयोजन नहीं होगा. जिला प्रशासन के इस फैसले से होटल या रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि उन्हें उम्मीद थी किछले करीब नौ महीनों से पटरी से उतर चुकी उनकी आर्थिक व्यवस्था नए साल पर थोड़ी बहुत पटरी पर आती, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 दिसम्बर की रात होटल-रेस्टोरेंट्स और बार में पार्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.

पढ़ें- देहरादून DM ने होटल संचालकों को दी राहत, नए साल पर जश्न मनाने की सशर्त मंजूरी

ईटीवी भारत से बात करते हुए देहरादून के होटल संचालक हरीश विरमानी ने जिला प्रशासन के इस फैसले आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पार्टियों पर बैन लगा कर कोरोना संक्रमण के रोकथाम का प्रयास तो जरूर कर रही है, लेकिन जिस तरह नए साल के जश्न के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक देहरादून और मसूरी का रुख कर रहे हैं उससे कोरोना संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है. अगर सरकार और जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण पर इतना ही अंकुश लगाना चाहती है तो उसे बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है या नहीं इस पर भी नजर रखनी चाहिए.

देहरादून के मशहूर ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के मैनेजर महावीर सिंह रावत का कहना है कि हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर पर तकरीबन दो से तीन लाख रुपए का पार्टियां होती थी, लेकिन इस बार सब शून्य हो गया.

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