देहरादून: सोशल मीडिया में इन दिनों एक पोस्ट बड़ी तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भाजपा के 7 सांसदों को बराबर वोट मिले हैं. साथ ही कांग्रेसी प्रत्याशियों के हार का आंकड़ा भी बराबर होने का दावा किया जा रहा है. ईटीवी भारत की पड़ताल में क्या निकली इस पोस्ट की सच्चाई जानिए इस रिपोर्ट में.
देश में 23 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया के जरिए कुछ ऐसी पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिससे निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे पोस्ट के जरिए भाजपा द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं.
पोस्ट में बताया गया है कि देश के सात सांसदों को बराबर मत मिले हैं. इन 7 सांसदों में मेनका गांधी, डॉ सत्यपाल सिंह, संघमित्र मौर्य, भारतेंद्र सिंह, हरीश द्विवेदी, भोला सिंह और उपेंद्र का नाम लिखा गया है. बताया जा रहा है कि यह सभी सांसद कांग्रेस के प्रत्याशी से जीते हैं और बराबर मतों से ही जीत हासिल कर संसद तक पहुंचे हैं.
इस पोस्ट की हकीकत जानने के लिए ईटीवी भारत ने निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को खंगालना शुरू किया. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट में तमाम सांसदों की लोकसभा की जानकारी आते ही पोस्ट से जुड़ी सारी सच्चाई सामने आ गई.
दरअसल, न तो इन सभी सात सांसदों को एक जैसे मत मिले थे और न ही जीत का आंकड़ा एक जैसा है. यहां तक कि दूसरे नंबर पर रहने वाला प्रत्याशी इन सातों सीटों में एक भी जगह कांग्रेस का नहीं निकला. कुल मिलाकर ईटीवी भारत की पड़ताल में यह वायरल पोस्ट पूरी तरह से झूठी साबित हुई है.