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37 साल बाद मंदिर में विराजेंगे चालदा देवता, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

हिमाचल से जौनसार बावर प्रवास के लिए आए चालदा महाराज पिछले 1 वर्ष से कोटि गांव में विराजमान हैं, जिसके बाद उनका 1 वर्ष का प्रवास मोहना गांव में होना है. इसके लिए 37 साल बाद मोहना के मंदिर में चालदा देवता पधारेंगे.

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Published : Oct 15, 2019, 9:58 PM IST

Updated : Oct 16, 2019, 9:28 AM IST

मोहना के मंदिर में विराजेंगे चालदा देवता.

विकासनगर: जौनसार बावर के मोहना गांव में 37 वर्ष बाद 23 नवंबर को चालदा देवता प्रवास पर आएंगे. जौनसार बावर के नवनिर्मित मंदिर में 37 साल बाद चालदा देवता एक साल के प्रवास पर आएंगे. गांव में प्रवास को देखते हुए नवनिर्मित मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा की गई. मोहना गांव के साथ सात खत पट्टी के लोगों ने देर रात मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कर हवन पूजन किया. इस दौरान मोहना गांव देवता के जयकारों से गुंजायमान रहा.

मोहना के मंदिर में विराजेंगे चालदा देवता.

बता दें कि हिमाचल से जौनसार बावर प्रवास के लिए आए चालदा महाराज पिछले 1 वर्ष से कोटि गांव में विराजमान हैं, जिसके बाद उनका 1 वर्ष का प्रवास मोहना गांव में होना है. महाराज के आगमन के लिए ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से मंदिर के निर्माण में लगे हुए थे, जिसका निर्माण कुछ दिन पहले ही पूरा हो चुका है. सोमवार रात्रि को कोटी गांव से आए चालदा महाराज और हनोल से आए महासू महाराज के डोरिया और निशान होना गांव पहुंचे.

नवनिर्मित मंदिर में विधिपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठा की गई. इस दौरान पूरा मोहना गांव देवता के जयकारों से गुंजायमान रहा. ग्रामीणों ने बताया कि चालदा महाराज के गांव में आने से अत्यंत खुश हैं. उनके लिए ये बहुत बड़ी खुशी है कि महाराज से 30 साल बाद गांव के नवनिर्मित मंदिर में विराजेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के दौरान वजीर दीवान सिंह, आर्किटेक नरेश चौहान, जगबीर सिंह, जगत सिंह, शूरवीर सिंह आदि मौजूद रहे.

ये भी पढ़ें: कॉर्बेट का नैसर्गिक सौन्दर्य खींच लाया था PM और बेयर ग्रिल्स को यहां, इस बार ये होगा खास

वहीं, मोहना खत पट्टी के स्याना मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि नवनिर्माण मंदिर में सोमवार की रात को पूजा-अर्चना के बाद प्राण प्रतिष्ठा की गई. सात पट्टी के गांव के लोग ज्यादा महाराज की पूजा अर्चना करते हैं. 23 नवंबर को चालदा महासू देवता का आगमन मोहना गांव में होना है.

चलदा देवता के वजीर बरफ सिंह चौहान ने बताया कि 2 वर्षों से देवता के नवनिर्माण मंदिर का कार्य चल रहा था. पूरे सात खत पट्टियों के गांव के सहयोग से मंदिर पूर्ण हो चुका है. सभी लोगों ने दिल जान से मंदिर को पूर्ण करने में रात दिन एक कर दिया है. सोमवार रात को विधिपूर्वक हवन पूजन किया गया. 23 नवंबर को देवता का आगमन मोहना गांव में होगा, जिनका सभी ग्रामीण स्वागत करेंगे.

विकासनगर: जौनसार बावर के मोहना गांव में 37 वर्ष बाद 23 नवंबर को चालदा देवता प्रवास पर आएंगे. जौनसार बावर के नवनिर्मित मंदिर में 37 साल बाद चालदा देवता एक साल के प्रवास पर आएंगे. गांव में प्रवास को देखते हुए नवनिर्मित मंदिर में सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा की गई. मोहना गांव के साथ सात खत पट्टी के लोगों ने देर रात मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कर हवन पूजन किया. इस दौरान मोहना गांव देवता के जयकारों से गुंजायमान रहा.

मोहना के मंदिर में विराजेंगे चालदा देवता.

बता दें कि हिमाचल से जौनसार बावर प्रवास के लिए आए चालदा महाराज पिछले 1 वर्ष से कोटि गांव में विराजमान हैं, जिसके बाद उनका 1 वर्ष का प्रवास मोहना गांव में होना है. महाराज के आगमन के लिए ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से मंदिर के निर्माण में लगे हुए थे, जिसका निर्माण कुछ दिन पहले ही पूरा हो चुका है. सोमवार रात्रि को कोटी गांव से आए चालदा महाराज और हनोल से आए महासू महाराज के डोरिया और निशान होना गांव पहुंचे.

नवनिर्मित मंदिर में विधिपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठा की गई. इस दौरान पूरा मोहना गांव देवता के जयकारों से गुंजायमान रहा. ग्रामीणों ने बताया कि चालदा महाराज के गांव में आने से अत्यंत खुश हैं. उनके लिए ये बहुत बड़ी खुशी है कि महाराज से 30 साल बाद गांव के नवनिर्मित मंदिर में विराजेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के दौरान वजीर दीवान सिंह, आर्किटेक नरेश चौहान, जगबीर सिंह, जगत सिंह, शूरवीर सिंह आदि मौजूद रहे.

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वहीं, मोहना खत पट्टी के स्याना मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि नवनिर्माण मंदिर में सोमवार की रात को पूजा-अर्चना के बाद प्राण प्रतिष्ठा की गई. सात पट्टी के गांव के लोग ज्यादा महाराज की पूजा अर्चना करते हैं. 23 नवंबर को चालदा महासू देवता का आगमन मोहना गांव में होना है.

चलदा देवता के वजीर बरफ सिंह चौहान ने बताया कि 2 वर्षों से देवता के नवनिर्माण मंदिर का कार्य चल रहा था. पूरे सात खत पट्टियों के गांव के सहयोग से मंदिर पूर्ण हो चुका है. सभी लोगों ने दिल जान से मंदिर को पूर्ण करने में रात दिन एक कर दिया है. सोमवार रात को विधिपूर्वक हवन पूजन किया गया. 23 नवंबर को देवता का आगमन मोहना गांव में होगा, जिनका सभी ग्रामीण स्वागत करेंगे.

Intro:विकासनगर 37 साल बाद मोहना के नवनिर्मित मंदिर में विराजे चालदा देवता जौनसार बावर के मोना गांव में 37 वर्ष बाद 23 नवंबर को चलदा देवता 1 साल के प्रवास पर आएंगे मोहना गांव नवनिर्मित मंदिर में विराजएंगे मोहाना गांव के साथ-साथ सात खत पट्टी के लोगों ने देर रात्रि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कर हवन पूजन किया इस दौरान पूरा मोहना गांव देवता के जयकारों से गूंजे मान रहा


Body:गौर हो कि हिमाचल से जौनसार बावर प्रवास के लिए आए चालदा महाराज पिछले 1 वर्ष से कोटि गांव में विराजमान है जिसके बाद उनका 1 वर्ष का प्रवास मोहना गांव में होना है महाराज के आगमन के लिए ग्रामीण पिछले 2 वर्षों से मंदिर के निर्माण में लगे हुए थे जिसका निर्माण कुछ दिन पहले ही पूरा हो चुका है सोमवार रात्रि को कोटी गांव से आए चालता महाराज व हनोल से आए महासू महाराज के डोरिया व निशान होना गांव पहुंचे जानकारी मीणा ने पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया इसके बाद विधि पूर्वक नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई इस दौरान पूरा मोहना गांव देवता के जयकारों से गुंजायमान रहा ग्रामीणों का कहना है कि ज्यादा महाराज के गांव में आने से अत्यंत खुश हैं उनके लिए यह बहुत बड़ी खुशी है कि महाराज से 30 वर्ष बाद गांव के नवनिर्मित मंदिर में विराजे गे प्राण प्रतिष्ठा के दौरान वजीर दीवान सिंह आर्केटेक नरेश चौहान जगबीर सिंह जगत सिंह शूरवीर सिंह चंदन सिंह माया सिंह जगत सिंह टीकम सिंह श्याम दत्त आदि मौजूद थे


Conclusion:वही मोहना खत पट्टी के स्याना मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि नवनिर्माण मंदिर में सोमवार रात्रि को पूजा-अर्चना हवन प्राण प्रतिष्ठा की गई सात पट्टी के गांव के लोग ज्यादा महाराज की पूजा अर्चना करते हैं 23 नवंबर को चालदा महासू देवता का आगमन मोना गांव में होना है देव दर्शन के लिए लगभग 40 से 50000 श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है
वहीं चलदा देवता के वजीर बरफ सिंह चौहान ने बताया कि 2 वर्षों से देवता के नवनिर्माण मंदिर का कार्य चल रहा था पूरे 7 खत पट्टियों के गांव के सहयोग से मंदिर पूर्ण हो चुका है सभी लोगों ने दिल जान से मंदिर को पूर्ण करने में रात दिन एक कर दिया है सोमवार रात्रि को विधिपूर्वक हवन पूजन किया गया पर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई महासू देवता के जयकारों से समूचा क्षेत्र विद्यमान हो उठा 23 नवंबर को देवता का आगमन मोहना गांव में होगा जिसका सभी ग्रामीण स्वागत करेंगे 37 वर्षों के बाद मोहना गांव में चाल दा महाराज का आगमन से सभी क्षेत्र के लोगों में उत्साह बना हुआ है
बाइट _मनमोहन सिंह चौहान _खत स्याना मोहना गांव
बाइट_ बरफ सिंह बजीर_ चालदा देवता मोहना गांव
Last Updated : Oct 16, 2019, 9:28 AM IST
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