चमोली: साल 2017 में फुफेरी नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही आरोपी पर एक लाख पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. अदालत ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम, अपहरण, डराने-धमकाने, शादी करने के लिए विवश करने के मामले में दोषी करार दिया है. बता दें कि पुलिस ने ऑपरेशन स्माइल चलाकर दोनों को पुलिस जांच के दौरान बनबसा बैराज के समीप पकड़ लिया था.
विशेष सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान की अदालत ने फुफेरी बहन को भगाकर और डरा धमका कर दुष्कर्म करने के आरोप में सजा सुनाई है. अभियुक्त 7 मार्च 2018 से जेल में बंद है. बता दें कि मामला 29 नवंबर 2017 का है, जब जिले के एक थाने में पीड़िता के पिता ने एक प्रार्थना पत्र देकर कहा कि 28 नवंबर 2017 को उनकी बेटी स्कूल गई थी, लेकिन घर न पहुंचने पर उसकी खोजबीन की गई. पुलिस को तहरीर दी गई. पुलिस पूछताछ में कुछ लोगों ने आरोपी द्वारा नाबालिग को वाहन में बैठाकर गोपेश्वर तक ले जाते हुए देखा गया.
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पीड़ित पिता ने बताया कि उनकी बहन का लड़के का उनके घर पर आना जाना लगा रहता था. पुलिस जांच के दौरान बनबसा बैराज के समीप पीड़िता को आरोपी के साथ पकड़ लिया गया. 5 मार्च 2018 को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया. इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
बुधवार को विशेष न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को पोक्सो अधिनियम, अपहरण, डराने-धमकाने, शादी करने के लिए विवश करने जैसे मामलों में दोषी करार दिया. साथ ही आरोपी को आजीवन कारावास सहित एक लाख पांच सौ रुपये का आर्थिक दंड लगाया.