पौड़ी: रांसी स्टेडियम अब शहीद राइफलमैन जसवंत सिंह के नाम से जाना जाएगा. पूर्व सैनिक पिछले लंबे समय से रांसी स्टेडियम का नाम शहीद जसवंत सिंह के नाम पर रखने की मांग सरकार से कर रहे थे. जिसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया. स्टेडियम की देखरेख का जिम्मा पौड़ी खेल विभाग को दे दिया गया है.
पूर्व सैनिक भगवान सिंह पवार ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से आग्रह किया था कि पौड़ी के रांसी स्टेडियम शहीद जसवंत सिंह के नाम पर रखा जाए. पवार को खेल विभाग के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि रांसी स्टेडियम का नाम शहीद जसवंत सिंह स्टेडियम के नाम करने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है. अब शिलापट पर शहीद जसवंत सिंह की शौर्य गाथा लिखी जाएगी.
शहीद जसवंत सिंह का परिचय
जसवंत सिंह रावत उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के रहने वाले थे. उनका जन्म 19 अगस्त, 1941 को हुआ था. उनके पिता गुमन सिंह रावत थे. जिस समय जसवंत शहीद हुए उस समय वह राइफलमैन के पद पर थे और गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में सेवारत थे. उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान अरुणाचल प्रदेश के तवांग के नूरारंग की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी.
उस समय अपनी वीरता का परिचय देते हुए जसवंत सिंह ने अकेले ही 300 सैनिकों को मार गिराया था. इस दौरान वो 72 घंटों तक अकेले लड़े थे. आज भी उन्हें सेवारत माना जाता है और समय-समय पर उन्हें पदोन्नति भी मिलती रहती है. उनके नाम से अरुणाचल प्रदेश में एक मंदिर भी स्थापित किया गया है. जहां पर जसवंत सिंह की पूजा की जाती है.