वाराणसी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ज्ञानवापी परिसर में एएसआई के सर्वे को लेकर 3 अगस्त को फैसला सुनाने वाला है. कोर्ट के फैसले से पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या की तरफ से एएसआई के सर्वे को लेकर उठाए गए सवाल के बीच बद्रीनाथ और केदारनाथ के सर्वे कराए जाने की बात का मामला गर्मा गया है. सपा नेता के बयान का हर जगह विरोध किया जा रहा है. वहीं, विश्व वैदिक सनातन संघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मौर्या की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ किया. संघ के सदस्यों ने कहा कि इस तरह से सनातन धर्म के विरोध की बात कहना बेहद ही निंदनीय है.
विश्व वैदिक सनातन संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. वह मंदिरों पर सवाल उठाकर क्या जाहिर करना चाहते हैं. उनकी बुद्धि खराब हो गई है. इसलिए वह इस तरह की बातें कर रहे हैं. उनकी बुद्धि को शुद्ध करने की कामना के साथ सनातन संघ के कार्यकर्ताओं ने भगवान से प्रार्थना करते हुए हवन किया. जिससे उन्हें सद्बुद्धि मिले और वह ऐसी बातें ना करें.
बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्या लगातार अपने बयानों की वजह से विवादों में बने हुए हैं. पिछले दिनों तुलसीदास और उनके लिखे रामचरितमानस की चौपाइयों पर सवाल उठाने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्या का सनातन धर्मियों ने विरोध किया था. अब उन्होंने ज्ञानवापी परिसर में एएसआई के सर्वे को लेकर विवादित बयान देते हुए बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर का एसआई सर्वे कराए जाने की बात कही थी. इस बात को लेकर सनातन संघ के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया.
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