चंदौलीः डीडीयू जंक्शन के फुट ओवर ब्रिज से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है. जिसके बाद से 18 हजार रुपये से अधिक की शराब बरामद की है. पूछताछ में युवक ने बताया कि बिहार में शराब बंदी के कारण शराब की खेप लेजाकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता है. आरपीएफ ने कागजी कार्रवाई के बाद युवक को अग्रिम कार्यवाई के लिए आबकारी विभाग को सौंप दिया. वहीं आबकारी विभाग ने शराब तस्करी से सरकार की राजस्व बढ़ने की बात कह रही है.
बता दें बिहार में पंचायत चुनाव चल रहा है. ऐसे में बिहार के चुनाव में शराब और शबाब का चलन जग जाहिर है. हालांकि बिहार में शराब बंदी है. जिसके कारण शराब की कमी पूर्ण करने के लिए शराब तस्कर सक्रिय हैं. चन्दौली पुलिस द्वारा नकेल कसने के बाद तस्करों ने शराब तस्करी के लिए ट्रेनों को अपना साधन बना लिया और किस्तों में शराब तस्करी शुरू कर दी है. किरकिरी होने के बाद ने आरपीएफ डीडीयू ने सक्रियता बढ़ाई और गत दिनों पूर्व 40 हजार से अधिक शराब की खेप के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया. रविवार को भी आरपीएफ ने चेकिंग के दौरान 18 हजार से अधिक कीमत के शराब के साथ एक युवक को गिरफ्तार किये जाने का खुलासा किया. हालांकि नवागत जीआरपी कोतवाल शराब तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
आरपीएफ डीडीयू प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि चेकिंग के दौरान एक युवक को फुट ओवर ब्रिज से गिरफ्तार किया है. युवक के पास से 18 हजार दो सौ रुपये की शराब बरामद की गई है. जिसे आबकारी विभाग को सौंप दिया गया है. शराब तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
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बता दें कि एक सप्ताह पूर्व भी चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म संख्या छह के पश्चिमी छोर से चाल लावारिश झोला बरामद किए. जो झारखंड निर्मित शराब थी. इससे 20 सितंबर को भी चंदौली मझवार रेलवे स्टेशन के समीप झाड़ी में काफी मात्रा में शराब बरामद हुई थी. शराब तस्कर किसी ट्रेन से शराब की खेप बिहार भेजने के फिराक में लगे थे. आसपास के लोग जब वीडियो बनाने लगे, तो जीआरपी व आरपीएफ ने शराब की खेप सहित 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि पुलिस गश्त के दौरान शराब बरामदगी की बात कह रही थी.
इसके अलावा डीडीयू जंक्शन से सटे जीटीआर ब्रिज के समीप यार्ड में 2 सितंबर को शराब तस्करों के होने की सूचना पर डाउन पोस्ट प्रभारी समी अख्तर खान ने छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर काफी मात्रा में शराब बरामद किया था. सूत्रों की मानें तो इस दौरान शराब माफियाओं की तरफ से छोड़ने काफी दबाव भी बना था, लेकिन अंततः जेल भेज दिया गया. इसके अलावा एक सप्ताह के लिए जीआरपी कोतवाल रहे राशिद खान ने भी स्टेशन से काफी मात्रा में शराब बरामद किया था. इसमें तीन आरोपित भी पकड़े गए थे.
बिहार में शराब बंदी के बाद रेल और सड़क दोनों ही माध्यमों से शराब तस्करी धड़ल्ले से हो रही है. इस दौरान पीडीडीयू जंक्शन, गंजख्वाजा, चंदौली व सैयदराजा स्टेशन से शराब का कारोबार खूब फल फूल रहा है. जिसे रोकने में जीआरपी और आरपीएफ की टीम नाकाम साबित हो रही है. सूत्रों की मानें तो शराब माफिया छोटू यादव अपने दर्जनों की संख्या में रखे गए गूर्गों से शराब तस्कारी कराने में जुटा है. इसमें कुछ पुलिसकर्मियों के शामिल होने का अंदेशा है. अगर संदिग्ध जवानों का सीडीआर खंगाला जाए, तो तस्करी के गोरखधंधे का खुलासा हो सकता है.
गौरतलब है कि बरामद शराब की जांच में बार कोड के जरिए जो जानकारी सामने आई है. बेहद चौकाने वाला है. सभी शराब दीनदयाल नगर के ही मॉडल शॉप की बताई जा रही हैं. इससे भी चौकाने वाली बात जिला आबकारी अधिकारी ने बताई की शराब तस्करी रोकना उनका काम नहीं है. जितना ज्यादा शराब की बिक्री होगी. उतना ही सरकार का राजस्व बढ़ेगा. एक बोतल शराब की बिक्री पर सरकार को 400 रुपये का राजस्व मिलता है.