महोबा: जिले के शहर कोतवाली इलाके में भगवान शंकर का एक प्राचीन मंदिर ढह जाने से हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया. उनका आरोप है कि समुदाय विशेष के लोगों ने मंदिर को गिराया है. वहीं प्रदर्शन कर रहे लोग मंदिर बनबाने की जिद करते हुए अनशन पर बैठ गए. मामले को तूल पकड़ता देख जिला प्रशासन के आलाधिकारी भारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू कराया, जिसके बाद मामला शांत हुआ.
शहर कोतवाली क्षेत्र के मनियादेव चौकी में एक प्राचीन कालीन भगवान शंकर का मंदिर बना हुआ था. मंदिर के बगल में एक मजार भी बनी हुई है. वहीं देर रात अचानक मंदिर गिर जाने के बाद सुबह से ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल के कार्यकर्ता अनशन पर बैठे हुए हैं. कार्यकर्ता मन्दिर बनाने की जिद पर अड़े हुए हैं. वहीं मंदिर गिरने की सूचना पर जिला प्रशासन के आलाधिकारियों सहित भारी मात्रा में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया. जिला प्रशासन ने किसी तरह से मामले को शांत करवाया और मंदिर की चौहद्दी बनाकर कार्यकर्ताओं से मंदिर निर्माण का काम शुरू करा दिया.
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नव दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष नीरज रावत ने बताया कि यह हमारी आस्था का केंद्र है. प्राचीन कालीन शिव मंदिर को एक विशेष समुदाय के अराजक तत्वों द्वारा गिरा दिया गया. उन्होंने कहा कि जब तक हमारा मंदिर नहीं बन जाता हम लोग यहीं पर अनशन करेंगे. वहीं उपजिलाधिकारी ने बताया कि यहां एक प्राचीन मंदिर था, जो बारिश से ढह गया है. उसे पुलिस प्रशासन के साथ जिले के अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर देखा गया और पुरातत्व विभाग को इसकी एनओसी के लिए कहा गया है.