लखनऊ : उत्तर प्रदेश के B.Ed कॉलेजों में दाखिले के लिए हुई बीएड(B.Ed) प्रवेश परीक्षा के नतीजे शुक्रवार शाम तक जारी किए जाएंगे. इस संबंध में एलयू(Lucknow University) की तरफ से गुरुवार की शाम बीएड प्रवेश परीक्षा के नतीजे जारी करने का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. यह नतीजे शुक्रवार देर शाम तक जारी किए जा सकते हैं.
अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नतीजे देख सकेंगे. लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवेश-परीक्षा परिणाम एलयू की वेबसाइट www.lkouniv.ac.in पर अपलोड किए जा रहे हैं. सभी अभ्यर्थी, लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लॉगिन करके (जहां से अभ्यर्थियों ने अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र भरा था) अपना प्राप्तांक, स्टेट रैंक, कैटेगरी रैंक प्राप्त कर सकेंगे. कोरोना महामारी के चलते, अभ्यर्थियों को अपने जनपद से दूर यात्रा न करनी पड़े, इसलिए प्रदेश के सभी 75 जनपदों में परीक्षा आयोजित करायी गई थी. इसमें, करीब 5 लाख 32 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे.
दरअसल, लखनऊ विश्वविद्यालय में अकादमिक सत्र 2021-22 के लिए प्रवेश परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं. गुरुवार को 2 पालियों में प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की गई. सुबह की पाली में कुल 453 अभ्यर्थियों ने B.Sc एग्रीकल्चर की प्रवेश परीक्षा दी और 328 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. सायंकाल की पाली में B.Sc बायोलॉजी में प्रवेश के लिए 2,867 अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में बैठे और 1,359 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. दोनों ही पालियों में परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई.
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवेश परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई थी. शुक्रवार को नतीजे जारी होने के बाद ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. प्रयास किया जा रहा है कि सितंबर के पहले सप्ताह में सत्र की शुरुआत भी कर दी जाए. बता दें, कि शैक्षिक सत्र 2021-22 में दाखिला लेने वाले छात्रों को प्रथम वर्ष में 45 हजार रुपए और दूसरे वर्ष में 25 हजार रुपए का शुल्क देना होगा. पहले दोनों वर्ष का शुल्क करीब 80 हजार रुपये होत था.
इसी तरह का बदलाव, बीएड के 4 वर्षीय कार्यक्रम में भी किया गया है. छात्रों को अब प्रतिवर्ष 30 हजार रुपए शुल्क जमा करना होगा. इस बार दाखिले के लिए अभ्यर्थियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना होगा. असल में, प्रदेशभर के B.Ed कॉलेजों में करीब 2 लाख 40 हजार के आसपास सीटें उपलब्ध हैं. जबकि परीक्षा में 5 लाख से अधिक अभ्यार्थी शामिल हुए थे.