लखनऊ: बीते दिनों चित्रकूट जेल में अब्बास अंसारी की अय्याशी और बरेली जेल में अतीक अहमद के भाई अशरफ की अवैध मुलाकातों का खुलासा होने के बाद जेल विभाग पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में डीजी जेल ने सभी जेल अधिकारियों से टॉप टेन अपराधियों की लाइव फीड रोजाना मुख्यालय में देने समेत कई कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं. यही नहीं जिन अधिकारियों ने निर्देशों की अनदेखी की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है.
डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि 'चित्रकूट व बरेली जेल में बीते दिनों कुख्यात बंदियों की मुलाकात में अनियमितता बरते जाने पर एक बार फिर से बंदियों की निगरानी की स्थिति की समीक्षा की गई है. जिसके तहत हाई सिक्योरिटी बैरकों में बंद सभी टॉप टेन अपराधियों की लाइव फीड किसी भी दशा में कारागार मुख्यालय पर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही ऐसे सभी बंदी कैमरे की निगरानी में हैं और उनकी लाइव फीड मुख्यालय पर उपलब्ध हो रही है. इसका प्रमाण पत्र भी तीन दिन के अंदर मुख्यालय को उपलब्ध कराना होगा. उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने निर्देशों की अवहेलना की उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.'
दरअसल, बीते दिनों चित्रकूट जेल में एसपी व डीएम के औचक निरक्षण के दौरान मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी को उसकी पत्नी निखत के साथ जेल अधीक्षक के कमरे में मुलाकात करते रंगे हाथ पकड़ा था. जांच में सामने आया कि दोनों की मुलाकातें पिछले एक माह से अवैध तरीके से कराई जा रही थीं. जिसके एवज में जेल वार्डन से लेकर जेल अधीक्षक तक को अब्बास मोटी रकम दे रहा था, वहीं प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान सामने आया था कि बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ से शूटर्स और असद ने कई बार अवैध तरीके से मुलाकात की थी. मुलाकात कराने में जेलकर्मी और अधिकारी शामिल थे.
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