कानपुर: सियासत के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे की गतिविधियों पर खूब कटाक्ष तो करते ही हैं. कभी-कभार आवेश में कई ऐसे शब्द भी बोल देते हैं जो चुभन जैसे प्रतीत होते हैं. सत्ता पक्ष के लिए अगर विपक्ष की ओर से कोई नेता अपशब्द कहता है या विपक्ष के लिए सत्ता पक्ष का नेता कुछ अंट शंट कह देता है, तो सियासी गलियारों में वह मामला तूल पकड़ लेता है.
कुछ ऐसा ही वाक्या कानपुर में गुरुवार को सामने आया. जब भाजपा नेता रोहित सक्सेना ने कानपुर कोर्ट में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत 6 कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ परिवाद दाखिल कर दिया. कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए आगामी चार दिसंबर की तिथि तय कर दी है. भाजपा नेता का कहना है कि उक्त नेताओं ने चुनावी रैलियों के दौरान पीएम मोदी के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया. जोकि लोकतंत्र के लिए कहीं से उचित नहीं है. भाजपा नेता ने कहा, लोकतंत्र का प्रमुख पीएम को माना गया है. इसलिए सभी कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है. इस मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा और कांग्रेस के नेता अचानक से सक्रिय हो गए. सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मामले की चर्चा भी जोरों पर हो रही है.
बता दें कि कुछ दिनों पहले शहर के मेडिकल कालेज में 10 से अधिक बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने का मामला जब अचानक से सामने आया था. तब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ट्वीट करते हुए सीएम योगी समेत पूरी भाजपा सरकार के खिलाफ तंज कसा था. हालांकि, इस मामले में मेडिकल कालेज प्राचार्य ने साक्ष्यों के साथ अपना जवाब देकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की बोलती बंद कर दी थी.
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