बस्ती: देश में लॉकडाउन की वजह से बड़े स्तर पर बेरोजगारी की बाढ़ आ गई है. बस्ती के कमिश्नर अनिल सागर ने एक पहल की और रोजगार सृजन करने का रास्ता बनाया है. कमिश्नर ने शहर के लोगों के लिए दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बूथ सेंटर खोलने का निर्देश दिया है, जिसको लेकर बस्ती का दुग्ध विभाग कार्रवाई में जुट गया है.
इन सेंटरों के खुल जाने के बाद गांव में दुधारू पशु पालने वाले पशुपालकों का उत्पादन भी आसानी से दुग्ध विभाग में बिक सकेगा. बेरोजगार भी आसानी से रोजगार पा सकेंगे. दुग्ध संघ को शहर के 20 स्थानों पर जगह की दरकार है, जहां पर पराग मिल्क बूथ स्थापित किया जा सके.
जगह आवंटित होने का इंतजार
स्थानों का चयन कर बस्ती दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ की ओर से उसकी सूची नगरपालिका प्रशासन को भेज दी गई है, लेकिन अभी तक बूथ स्थापित करने के लिए मांगे गए 10x10 वर्ग फीट जगह का आवंटन करने की दिशा में नगर पालिका की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. दुग्ध संघ जगह आवंटित होने का इंतजार कर रहा है.
बनेंगे रोजगार के अवसर
नगरपालिका की ओर से अगर दुग्ध संघ के पक्ष में भूमि आवंटित कर दी गयी, तो न केवल शहर के बीच प्रमुख स्थानों पर पराग मिल्क बूथ संचालित होने लगेंगे, बल्कि इस व्यवसाय से जुड़कर बेरोजगार लोग रोजगार के अवसर का भी लाभ उठा सकेंगे.
आवंटन के लिए लिखा गया है पत्र
बस्ती मंडल के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के उप दुग्धशाला अधिकारी की ओर से पराग मिल्क बूथ स्थापित करने के लिए चयनित स्थलों का सर्वे कराकर दुग्ध संघ के पक्ष में भूमि आवंटित किए जाने के लिए पत्र लिखा है. उन्होंने बताया कि इस योजना से कई प्रकार के रोजगार सृजित होंगे और दूध को बढ़ावा मिलेगा.
उप निदेशक ने बताया कि जनहित को देखते हुए इस वक़्त रोजगार उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकताओं में है. ऐसे में नगर पालिका से रिपोर्ट मिलने के बाद जल्द ही शहर में इस योजना की शुरुआत कर दी जाएगी.