आगराः नगर निगम के अफसरों ने पांच कंपनियों के साथ ' स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 22.65 करोड़ रुपये का घोटाला कर डाला है. पार्षदों की पकड़ में जब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का यह घोटाला आया, तो इसकी जांच हुई. जांच में नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश हुए हैं. राजीव राठी से अतिरिक्त काम भी छीन लिए गए हैं.
सदन पटल पर रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के 100 में से 85 वार्डों में कंपनियों ने 24 माह तक कूड़ा कलेक्शन किया. कंपनियों ने 14 माह में नगर निगम के खाते से 1.68 करोड़ रुपये जमा कराएं. कूड़ा कलेक्शन के एवज में नगर निगम ने इन कंपनियों को 22.65 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि कंपनियों ने फर्जी सूची पेश की. जांच रिपोर्ट के मुताबिक 43 फीसदी एड्रेस गलत पेश किए गए, जबकि 37 फीसदी भवन स्वामियों का नाम भी गलत था. लिहाजा यहां से कूड़ा ही नहीं उठाया गया.
विधायक और सांसद भी पहुंचे सदन में
नगर निगम के विशेष सदन में आगरा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल के साथ विधायक भी पहुंचे. पार्षदों के साथ ही सांसद और विधायकों ने भी नगर निगम में हुए कूड़ा कलेक्शन घोटाले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. सांसद और विधायकों ने नगर निगम के अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
जनता से छल, सरकार की छवि की खराब
नगर निगम सदन में विधायक ने कहा कि, नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में करोड़ों का घोटाला हुआ है. ऐसे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि बिना सत्यापन के नगर निगम की ओर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनियों को भुगतान किया गया. अगर सत्यापन हो जाता, तो यह पूरा खेल ही नहीं होता. सबसे ज्यादा इस घोटाले में अफसर इसके लिए दोषी हैं.
यह हैं कंपनी
- - आरबा
- -सेवा
- -एमएमआरटी
- -स्पार्क ग्लोबल
- -ओम मोटर्स
कूड़ा उठाने वाली कंपनी ने ताज नगरी की छवि को धूमिल किया है. अफसर भी इस घोटाले में बराबर के साझेदार है. दोषी कंपनियों पर मुकदमा दर्ज कर उनसे धनराशि भी वसूली जाए. रिपोर्ट में 10 फीसदी काम करके 100% का रुपया लूटा है.
-डॉ. एसपी सिंह बघेल, सांसद
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनियों ने 10 फीसदी ही क्षेत्रों से कूड़े का उठान किया है. 90 फीसदी क्षेत्रों के फर्जी बिल लगाकर के 22.65 करोड रुपये का भुगतान ले लिया है. पांचों कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं. नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी, जोनल सैनिटरी इंस्पेक्टर, सैनिटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजरों को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है.
-नवीन जैन, महापौर