आगरा: योग गुरु बाबा रामदेव को हाथी पर बैठकर प्राणायाम करना भारी पड़ रहा है. बाबा रामदेव हाथी पर बैठकर योगा करते समय नीचे गिर गए थे. इस संबंध में आगरा के अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने बाबा रामदेव पर वन्यजीव पशु अधिनियम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए नोटिस भेजा है. इसमें सात दिन में बाबा रामदेव से जवाब मांगा है. सात दिन में नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. क्योंकि, योग गुरु बाबा रामदेव हाथी पर योग करके जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं? इस तरह का कार्य पशु क्रूरता है.
अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने बताया कि गोकुल के रमणरेती स्थिति एक आश्रम में योग गुरु बाबा रामदेव ने हाथी पर बैठकर योग क्रियाएं कीं. इस दौरान बाबा रामदेव हाथी से गिर भी गए. गनीमत रही कि उनके कोई चोट नहीं आई. योग गुरु बाबा रामदेव की योग क्रियाओं का महिलाएं, बच्चे और पुरुष अनुसरण करते हैं. लाखों की संख्या में लोग योग करते हैं, जिससे वे स्वस्थ रह सकें.
एफआईआर दर्ज कराएंगे
अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा का कहना है कि हाथी की पीठ पर सवार होकर योग क्रिया करके योग गुरु बाबा रामदेव क्या संदेश समाज को देना चाहते हैं. क्या आम जनता भी इसी तरह से किसी न किसी वन्यजीव या पशु के ऊपर सवार होकर अत्याचार करे. पशु को अपने वश में करके योग क्रियाएं करें. हाथी पर योग क्रियाएं करके बाबा रामदेव ने वन्यजीव अधिनियम के तहत एक पशु क्रूरता का अपराध किया है. इसलिए बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे. वैसे भी हाथी को भगवान गणेश जी की मूरत स्वरूप गजानन के रूप में पूजा जाता है.
यह वन्यजीव अधिनियम के तहत एक अपराध
अधिवक्ता नरेश शर्मा का कहना है कि यदि योग क्रिया के दौरान हाथी विदक जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. पहले भी कई बार हाथियों के उग्र होने से लोगों की जानें जा चुकी हैं. अतः क्या बाबा रामदेव इस तरह से हाथी पर योग क्रिया करके लोगों की जान लेने का प्रयास कर रहे हैं. जबकि देश में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम भी लागू है. ऐसे में बाबा रामदेव ने हाथी पर योग क्रिया करके वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध किया है. अगर 7 दिन में बाबा रामदेव की ओर से नोटिस का जवाब नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.