ETV Bharat / state

कारगिल शहीद की बहू ने ही घर में कराई लूट, सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान - आगरा में शहीद के घर लूट

आगरा के ताजगंज क्षेत्र में 25 जुलाई को कारगिल शहीद के घर में लूट (obbery in kargil martyr house) की घटना को अंजाम देने की कहानी उसकी बहू ने रची थी. इसका खुलासा पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद किया.

लूट के आरोपी.
लूट के आरोपी.
author img

By

Published : Aug 6, 2022, 6:51 AM IST

आगरा: ताजगंज क्षेत्र के ताजनगरी फेस-1 में स्थित एक कारगिल शहीद के घर को दो बदमाशों ने 25 जुलाई की रात निशाना बनाया था. बदमाशों ने शहीद के पोते की गर्दन पर चाकू रखकर बंधक बना घर में लूट को अंजाम दिया था. इस मामलें में अब चौकानें वाला सच सामने आया है. ताजगंज पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के बयानों के आधार पर शहीद के बड़े बेटे की बहू शकुंतला को जेल भेजा है. सूत्रों के अनुसार शकुंतला ही लूट की मास्टरमाइंड थीं.

दरसल, ताजगंज क्षेत्र के ताजनगरी फेस-1 में बदमाशों ने कारगिल शहीद के घर को अपना निशाना बनाया था. दो नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर घर ने घुस गए थे. घर में दाखिल होते ही बदमाशों ने शहीद के बड़े बेटे के 2 वर्षीय पुत्र भविष्य चाहर की गर्दन पर चाकू रखकर बहु शकुंतला को बंधक बना लिया था. इसके बाद बदमाश छेनी-हथोड़े की मदद से अलमारी का सेफ तोड़कर 5 लाख नकदी, 40 तोला सोना और 2.50 किलो चांदी के आभूषण लूट ले गए थे. बदमाश कॉलोनी के सीसीटीवी में भी कैद हुए थे. मौके पर पहुंची ताजगंज पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से जांच की थी.

बड़ी बहू शकुंतला से भी पूरी घटना की जानकारी ली थी. इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे में दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था. उनको जेल भेज दिया गया था. इन दोनों के नाम सतेंद्र हाल निवासी तिलपत कॉलोनी फरीदाबाद मूल निवासी मथुरा और बदरपुर दिल्ली निवासी विपिन हैं. इनके पास से लूट के 2.78 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. बदमाश जिस कार से आए थे, पुलिस ने उसे भी जब्त किया था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के बारे में नहीं बताया था.

पुलिस बदमाशों के बयानों के आधार पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही थी. शुक्रवार को जांच पूरी होने पर पुलिस सीधे शहीद श्यामवीर सिंह के घर पहुंची. इसके बाद शकुंतला को गिरफ्तार कर लिया. पूर्व में जेल गए बदमाशों में से सत्येंद्र शकुंतला का ममेरा भाई था. उसने पुलिस पूछताछ में सारा सच उगल दिया. पुलिस ने शहीद के परिवार को इस बारे में पहले ही सूचना दे दी थी.

यह भी पढ़ें: घर खर्च के लिए मंदिरों से चोरी करता था शातिर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सास से जेवर निकलवाना चाहती थी आरोपी बहू
इस मामले में पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद शकुंतला ने बताया कि वह सास गीता देवी से जेवर निकलवाना चाहती थी. उसने कई बाद सास से जेवरों की मांग की थी. लेकिन, सास हर बार टाल देती थी. वारदात के समय कारगिल शहीद की पत्नी गीता देवी बेटे विजय सिंह के साथ गांव गई हुई थी. बड़ा बेटा नरेश अपने पेट्रोल पंप पर मौजूद था. इसी बात का फायदा उठाने के लिए आरोपी शकुंतला ने अपने ममेरे भाई सत्येंद्र के साथ मिलकर लूट की फर्जी कहानी रच डाली थी. लेकिन, पुलिस को चकमा देने के चक्कर में शकुंतला एक बड़े मायाजाल में फंसती चली गई. शुक्रवार को आरोपी शकुंतला को भी जेल भेज दिया गया.

ऐसी ही जरूरी और विश्वसनीय खबरों के लिए डाउनलोड करें ईटीवी भारत ऐप

आगरा: ताजगंज क्षेत्र के ताजनगरी फेस-1 में स्थित एक कारगिल शहीद के घर को दो बदमाशों ने 25 जुलाई की रात निशाना बनाया था. बदमाशों ने शहीद के पोते की गर्दन पर चाकू रखकर बंधक बना घर में लूट को अंजाम दिया था. इस मामलें में अब चौकानें वाला सच सामने आया है. ताजगंज पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के बयानों के आधार पर शहीद के बड़े बेटे की बहू शकुंतला को जेल भेजा है. सूत्रों के अनुसार शकुंतला ही लूट की मास्टरमाइंड थीं.

दरसल, ताजगंज क्षेत्र के ताजनगरी फेस-1 में बदमाशों ने कारगिल शहीद के घर को अपना निशाना बनाया था. दो नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर घर ने घुस गए थे. घर में दाखिल होते ही बदमाशों ने शहीद के बड़े बेटे के 2 वर्षीय पुत्र भविष्य चाहर की गर्दन पर चाकू रखकर बहु शकुंतला को बंधक बना लिया था. इसके बाद बदमाश छेनी-हथोड़े की मदद से अलमारी का सेफ तोड़कर 5 लाख नकदी, 40 तोला सोना और 2.50 किलो चांदी के आभूषण लूट ले गए थे. बदमाश कॉलोनी के सीसीटीवी में भी कैद हुए थे. मौके पर पहुंची ताजगंज पुलिस ने पूरे घर की बारीकी से जांच की थी.

बड़ी बहू शकुंतला से भी पूरी घटना की जानकारी ली थी. इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे में दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था. उनको जेल भेज दिया गया था. इन दोनों के नाम सतेंद्र हाल निवासी तिलपत कॉलोनी फरीदाबाद मूल निवासी मथुरा और बदरपुर दिल्ली निवासी विपिन हैं. इनके पास से लूट के 2.78 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. बदमाश जिस कार से आए थे, पुलिस ने उसे भी जब्त किया था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता के बारे में नहीं बताया था.

पुलिस बदमाशों के बयानों के आधार पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही थी. शुक्रवार को जांच पूरी होने पर पुलिस सीधे शहीद श्यामवीर सिंह के घर पहुंची. इसके बाद शकुंतला को गिरफ्तार कर लिया. पूर्व में जेल गए बदमाशों में से सत्येंद्र शकुंतला का ममेरा भाई था. उसने पुलिस पूछताछ में सारा सच उगल दिया. पुलिस ने शहीद के परिवार को इस बारे में पहले ही सूचना दे दी थी.

यह भी पढ़ें: घर खर्च के लिए मंदिरों से चोरी करता था शातिर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सास से जेवर निकलवाना चाहती थी आरोपी बहू
इस मामले में पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद शकुंतला ने बताया कि वह सास गीता देवी से जेवर निकलवाना चाहती थी. उसने कई बाद सास से जेवरों की मांग की थी. लेकिन, सास हर बार टाल देती थी. वारदात के समय कारगिल शहीद की पत्नी गीता देवी बेटे विजय सिंह के साथ गांव गई हुई थी. बड़ा बेटा नरेश अपने पेट्रोल पंप पर मौजूद था. इसी बात का फायदा उठाने के लिए आरोपी शकुंतला ने अपने ममेरे भाई सत्येंद्र के साथ मिलकर लूट की फर्जी कहानी रच डाली थी. लेकिन, पुलिस को चकमा देने के चक्कर में शकुंतला एक बड़े मायाजाल में फंसती चली गई. शुक्रवार को आरोपी शकुंतला को भी जेल भेज दिया गया.

ऐसी ही जरूरी और विश्वसनीय खबरों के लिए डाउनलोड करें ईटीवी भारत ऐप

ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.