जयपुर. राज्य सरकार के साथ राइट टू हेल्थ बिल पर समझौते के बाद शनिवार रात प्राइवेट डॉक्टरों ने जीत का जश्न मनाया. इस आयोजन को विजय उत्सव का नाम दिया. हालांकि इस अवसर पर डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार समझौते में तय बिंदुओं से पीछे हटती है, तो निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम द्वारा आरजीएचएस और चिरंजीवी योजना को पूरी तरह सरेंडर कर दिया जाएगा.
ढ़ोल और डीजे के साथ प्राइवेट डॉक्टरों ने जीत का जश्न मनाने के लिए एक जाजम (मंच) पर आए. डॉक्टरों ने आंदोलन में शामिल होने वाले अपने साथियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया. निजी अस्पताल और नर्सिंग होम सोसायटी के सचिव डॉ विजय कपूर ने कहा कि जिन डॉक्टरों ने इस आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाया, उनके साथ जीत का जश्न मनाया गया. इसके जरिए सरकार को ये मैसेज दिया जा रहा है कि मेडिकल फ्रेटर्निटी पूरी तरह एकजुट है. सरकार ने डॉक्टरों के साथ जो भी समझौता किया है, उसको शत-प्रतिशत क्रियान्वित करें. अन्यथा चिकित्सक दोबारा आक्रोशित हो सकते हैं.
साथ ही डॉ कपूर ने कहा कि यदि इस समझौते से किसी भी तरह की हेराफेरी की गई तो तत्कात प्रभाव से पूरे प्रदेश में सरकार की चिरंजीवी और आरजीएचएस योजनाओं का बहिष्कार कर देंगे. इसके साथ इन योजनाओं को सरकार के समक्ष सरेंडर कर दिया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि सभी प्राइवेट अस्पतालों के सरेंडर फॉर्म फिजिकली सिग्नेचर और मुहर के साथ उनके पास पड़े हैं.
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डॉ विजय कपूर ने बताया कि सरकार ने समझौता करते हुए डॉक्टरोंं की 98 फीसदी मांगों को माना है. यदि सरकार इस समझौते से पीछे हटती है, तो ये सेरेंडर फॉर्म सरकार को सबमिट कर दिए जाएंगे. समझौते के तमाम बिंदुओं को एक्ट में लागू किए जाएं न कि नियमों में. सरकार चाहे तो एक्ट में बदलाव करने के लिए बिल को राज्यपाल से वापस लेकर विधान सभा का विशेष सत्र बुलाकर संशोधन की प्रक्रिया अपनाएं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अस्पतालों ने आरजीएचएस और चिरंजीवी योजना बंद कर रखी है. उनसे सोसायटी की ओर से कोई अपील नहीं की जाएगी.