चित्तौड़गढ़. जमीनी विवाद को लेकर बेगूं इलाके में एक युवक की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 7 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है. साथ ही 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है.
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बेगू के पीठासीन अधिकारी राकेश गोयल ने मंगलवार को अहम फैसले में यह सजा सुनाई है. 10 साल पहले मवेशियों के खेत में घुसने के विवाद को लेकर रावतभाटा क्षेत्र के गांव धावद कला में यह घटना सामने आई थी. इस मामले में आरोपी गांव धावद कला निवासी धनराज, दुर्गा शंकर पुत्र जगन्नाथ मीणा, बालचंद पुत्र मदन लाल मीणा, नंदलाल पुत्र मांगी लाल मीणा को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इसी प्रकार मुकेश पुत्र नंदलाल मीणा, खोई थाना चेचट के दीपक, बनवारी पुत्र बालचंद मीणा को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है.
इन धाराओं में सजा सुनाईः अपर लोक अभियोजन फरीद मिर्जा ने बताया कि न्यायाधीश गोयल ने दोषियों को धारा 302 में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है. वहीं, जुर्माना नहीं देने पर 1 साल का अतिरिक्त कारावास, धारा 307 में 7 साल कारावास, 10 हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है. इसी प्रकार धारा 323 में 1 साल कारावास और 1 हजार रुपए जुर्माना, धारा 324 में 3 साल कारावास, 3 हजार रुपए जुर्माना सुनाया है.
यह है मामलाः धावद कला में मवेशियों के खेत में घुसकर फसल नष्ट किए जाने को लेकर पड़ोसियों में पुराना विवाद चल रहा था. 29 सितंबर 2013 को आरोपियों ने बालचंद और मोहन लाल मीणा पर लाठियों, गंडासे से हमला बोल दिया. इस घटना में बालचंद पुत्र रतनलाल मीणा को गंभीर चोटें आई. बाद में गंभीर हालत में उसे कोटा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के भाई नंदलाल मीणा की रिपोर्ट पर रावतभाटा पुलिस थाने में नामजद रिपोर्ट दी गई.