जयपुर. तबादलों के बाद भी कुर्सी का मोह नहीं छोड़ने वाले अफसरों के खिलाफ अब गहलोत सरकार एक्शन लेने की तैयारी में है. यही वजह है कि तबादले के बाद भी नवीन पद पर कार्यभार नही संभालने वाले अफसरों को नोटिस और अनुशासन की कार्रवाई का प्रोसेज आगे बढ़ रहा है. इतना ही नहीं ज्वाइन नहीं करने के कारणों की जांच शुरू हो गई है. कार्मिक विभाग ने ऐसे 8 आरएएस अफसरों को शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने बीमारी को कारण बताकर नए पद पर ज्वाइन नहीं किया है.
ये होंगे मेडिकल बोर्ड के सामने पेश: दरअसल पिछले दिनों तबादला होने पर भी नए पद पर ज्वाइन नहीं करने वाले 16 आरएएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इनमें से कुछ अफसरों ने नोटिस के जवाब में बीमारी को कारण बताया था. अब सरकार इन अफसरों के कारणों की सत्यता की जांच करेगी. इसको लेकर 8 RAS अधिकारियों को शुक्रवार यानी 22 सितंबर को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं. अब RAS अंजना सहरावत, RAS निधि नारोलिया, RAS रजनी माधीवाल, RAS संघमित्र बरडिया, RAS संजू पारीक, RAS सविना विश्नोई, RAS शिप्रा शर्मा को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होकर रिपोर्ट देनी होगी.
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28 अगस्त को जारी हुए थे कारण बताओ नोटिस: बता दें कि 28 अगस्त, 2023 को कार्मिक विभाग ने तबादले के बाद भी नए पद पर ज्वाइन नहीं करने वाले 16 आरएएस अफसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. वहीं उससे पहले कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने वाले 11 आरएएस अफसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की थी. जिन 16 आरएएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था, उनमें से 8 आरएएस अफसरों ने तबादले के बाद नई जगह ज्वाइन नहीं करने के पीछे बीमारी का हवाला दिया था.
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बता दें कि प्रदेश की गहलोत सरकार जुलाई और अगस्त में चार तबादला सूची जारी की थी. पहली तबादला सूची 31 जुलाई को, दूसरी तबादला सूची 10 अगस्त को, तीसरी तबादला सूची 16 अगस्त को और चौथी तबादला सूची 20 अगस्त को जारी की थी. इस सूची में सभी अधिकारियों को जिनका तबादला हुआ है, उन्हें अपने नवीन पद पर तत्काल प्रभाव से कार्य ज्वाइन करने का निर्देश दिए थे, लेकिन बावजूद उसके कुछ RAS अफसरों ने आदेशों की पालना नहीं की थी.