डूंगरपुर. कोरोना वायरस की महामारी के बीच सरकार ने लोगों तक एक साथ दो माह का राशन देकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया है. लेकिन इस पर भी राशन डीलर अपनी चालाकी से बाज नहीं आ रहे हैं. राशन डीलर के इस घालमेल पर प्रशासन ने जिले के 2 डीलर के प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए है. वहीं एक डीलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है.
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से दिए गए सख्त निर्देशों के बाद अब रसद विभाग भी सक्रिय हो गया है. जिले के बोरी और नागरिया पंचेला रसद मूल्य की दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया.
सहायक जिला रसद अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि उचित मूल्य दुकानदार सेंटर नागरिया पंचेला के दिलीप डामोर के खिलाफ लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसमें मार्च महीने की सामग्री अभी तक लोगों को उपलब्ध नहीं कराये जाने की बात कही थी. इसके अलावा लोगों को गेहूं नहीं देने की शिकायत भी आ रही थी. इसके बाद जांच करवाई गई और जांच में शिकायत की पुष्टि की गई है. इसके बाद डीलर का जारी प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया है.
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इसी तरह थाणा लैम्प्स के अंतर्गत राशन डीलर बोरी राशन डीलर के खिलाफ भी शिकायत प्राप्त हुई थी. इस पर राशन डीलर निसार मोहम्मद की ओर से नियमों की पालना नहीं करते हुए पोस मशीन की बजाय रजिस्टर से राशन का वितरण करते पाया गया. वहीं जांच में स्टॉक में 59 क्विंटल गेहूं कम पाया गया. इसके अलावा 2 क्विंटल 45 किलो चीनी भी कम पाई गई है. इस पर दोनों राशन डीलर के प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
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वहीं प्रशासन की ओर से प्रत्येक पंचायत समिति में राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रभारी अधिकारी मनोनीत कर दिए गए हैं. यह अपने क्षेत्र में आने वाले रसद की दुकानों की निगरानी और अधिक मूल्य वसूलने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.