धौलपुर. राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड-19 महामारी के संक्रमण की दूसरी लहर के आसन्न खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि वे अपने पुराने अनुभव के आधार पर महामारी के नियंत्राण के लिए उपलब्ध संसाधनों को उपयोग में लें. अधिक टेस्टिंग, भीड़ पर नियंत्राण, मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने और सामाजिक दूरी के कोरोना से बचाव के नियमों की पालना में फिर से सख्ती लाएं.
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कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में ही कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर का 3 गुना बढ़ जाना बेहद चिंताजनक है. बीते एक वर्ष के दौरान कोरोना से लड़ने का जो साझा अनुभव है, उसके आधार पर हमें जिले वासियों को दूसरी लहर के खतरे से बचाना है. इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और धर्म गुरूओं के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को साथ लेकर और आपसी समन्वय के साथ ही हम अब तक कोरोना से जंग को सफलतापूर्वक लड़ पाए हैं, जिससे काफी राहत भी मिली है.
उन्होंने कहा कि पूरे देश में संक्रमण फिर से बढ़ रहा है और कई राज्यों में हालात बहुत अधिक चिंताजनक हो गए हैं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने लगातार बढ़ रहे संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उन्होंने सैम्पलिंग बढ़ाने तथा संदिग्ध रोगियों को आइसोलेट कर उनका तुरन्त इलाज शुरू करने की योजना बनाई है. इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों तक आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं.
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मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना से बचाव के लिए कड़ा रुख अपनाने के आदेशों के चलते प्रशासन सख्त हो गया है. वैक्सीनेशन में उदासीन रवैया रखने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिले के सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी कोरोना वैक्सीनेशन की बारी आने पर डोज आवश्यक रूप से लगावाएं. उन्होंने कहा कि संक्रमण के पहले सप्ताह में आरटीपीसीआर टेस्ट पॉजिटिव नहीं रहता है, ऐसे में संदिग्ध रोगी की सीटी स्कैन जांच से संक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सकती है.