चित्तौड़गढ़. जैसे-जैसे कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, वैसे ही प्रदेश सरकार की चिंता भी बढ़ती जा रही है. इन्हीं सभी चीजों को देखते हुए राज्य सरकार ने धार्मिक स्थलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है.
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने चित्तौड़गढ़ में कोरोना की दस्तक के प्रति चिंता जताते हुए सरकार की नई गाइडलाइन (new guideline for religious places in corona) की पालना करवाने में सहयोग का आग्रह किया. जिस पर उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला. भगवान सांवलिया सेठ (new corona guideline for Sanwaliya Ji Temple) के दीदार के लिए प्रतिदिन हजारों लोग मंडफिया स्थित सांवलिया जी मंदिर पहुंचते हैं. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग आदि की पालना नहीं हो पाती.
जिला कलेक्टर के आग्रह पर मंदिर मंडल के अध्यक्ष कन्हैया दास वैष्णव ने प्रतिदिन दोपहर 12:00 से 2:00 तक मंदिर का सैनिटाइजेशन करवाने तथा मंदिर में गोले बनवाने का आश्वासन दिया, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की जा सके.
बता दें, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को सीएम आवास पर कोरोना संक्रमण के मद्देनजर राजनीतिक दलों, स्वयंसेवी संगठनों और धर्मगुरुओं के साथ चर्चा की. इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाव को लेकर सबसे सुझाव लिया. इसके बाद राजस्थान गृह विभाग ने कोरोना को लेकर नई गाइड लाइन जारी कर दी.
वैक्सीनेशन अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार राजस्थाने में कोरोना की दोनों डोज लेना अनिवार्य कर दिया गया है. कहा गया है कि कोरोना वैक्सीनेशन के बाद नए वरिएंट घातक नहीं रह जाता. इसके अलावा 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, पुराने रोग से ग्रसित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में आने वाले यात्री ध्यान दें
विदेश यात्रा कर राजस्थान आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही आरटीपीसीआर जांच होगी. जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर 7 दिन के लिए होम कोरेंटीन किया जाएगा. घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वैक्सीनेशन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट या 72 घंटे की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाना जरूरी होगा. यदि रिपोर्ट नहीं दिखाई जाती तो गंतव्य पर आरटीपीसीआर जांच कराना जरूरी होगा.