जयपुर. पुलिस मुख्यालय से आला अधिकारी पूरे प्रदेश के स्कूल और कॉलेज में जाकर नाबालिग स्टूडेंट्स को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की जानकारी देते हुए उन्हें यातायात नियमों की अवहेलना करने पर होने वाली सजा के बारे में जागरूक करने का काम कर रहे हैं. बता दें कि नए नियमों के मुताबिक नाबालिक द्वारा दोपहिया या चौपहिया वाहन चलाने पर कठोर सजा का प्रावधान रखा गया है, जिसके तहत न केवल नाबालिग बल्कि उनके परिजन भी सजा के हकदार होंगे.
इस बाबत एडीजी ट्रैफिक पीके सिंह ने बताया कि नए नियमों के अंतर्गत यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ और परिजनों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. माता या पिता जिसके नाम से भी वाहन का रजिस्ट्रेशन होगा, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. इसके साथ ही नाबालिग पर भी जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ऐसे में राजस्थान पुलिस प्रत्येक जिला स्तर पर अलग-अलग स्कूल और कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट्स को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है. पीके सिंह का कहना है कि हमारा मकसद नाबालिगों का चालान काटना या उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर समझाइश करना है.
नाबालिग द्वारा वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर यह होगी सजा...
- वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर नाबालिग के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी
- नाबालिग जब तक 25 साल का नहीं हो जाता तब तक उसका लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनाया जाएगा
- जिस वाहन को चलाते हुए नाबालिग पकड़ा जाएगा उस वाहन का रजिस्ट्रेशन उसके माता या पिता जिसके भी नाम से होगा, उन्हें 3 महीने से लेकर 1 साल तक जेल काटनी होगी
- इसके साथ ही परिजनों को 25 हजार का जुर्माना भी भरना होगा
- वहीं जिस वाहन को चलाते हुए नाबालिग पकड़ा जाएगा उस वाहन की आरसी कैंसिल कर दिया जाएगा