उज्जैन। उज्जैन के महाकाल मंदिर में चल रहे 703 करोड़ के विस्तारीकरण का कार्य जल्द ही पूरा होने की कगार पर है. पहले चरण का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. साथ ही रुद्रसागर की सफाई का कार्य भी शुरू हो चुका है. स्मार्ट सिटी मिशन में पर्यटको को लुभाने और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखकर यात्री सुविधाओं के विकास के लिए 97 करोड़ रुपए की योजनाएं आकार ले रही हैं. इसमें पब्लिक प्लाजा, महाकाल हेरिटेज कॉरिडोर, रुद्रसागर घाट, शिव स्तंभ, प्रवेश द्वार, उद्यान, शॉपिंग मॉल आदि शामिल हैं.
प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया : विस्तारीकरण के काम में मुख्य द्वार से लेकर पब्लिक प्लाजा और महाकाल मंदिर के गेट नंबर 13 तक तक विकसित किए जा रहे नए परिसर में 92 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं. इसमें कई प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इनमें 9 फीट से लेकर 25 फीट ऊंची प्रतिमाएं शामिल हैं. इन प्रतिमाओं को लाल पत्थर और ऐसे मैटेरियल से बनाया जा रहा है, जो 100 साल तक खराब नहीं होगा. इनका रंग-रोगन भी लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा. प्रतिमाएं धूप, पानी, ठंड के असर से सुरक्षित रहेंगी. प्रतिमाओं का निर्माण गुजरात और राजस्थान के कारीगर कर रहे हैं. प्रतिमाओं पर रंगरोगन का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है और अब महाकाल पथ बेहद खूबसूरत नजर आ रहा है।
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पीएम मोदी करेंगे अनावरण : जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाकाल पथ में लगने वाली मूर्तियों का अनावरण भी करेंगे. महाकाल पथ के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही लोटस ताल पर विशाल शेर पर सवार भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है. इसमें भगवान शिव कमल ताल के बीच में बैठे हैं. इसमें शिव रुद्राक्ष की माला पहनकर धुनि रमाये हुए हैं. उज्जैन महाकाल पथ के मुख्य द्वार से जैसे ही अंदर आते हैं तो कमल ताल पर खूबसूरत मूर्ति को निहारने के लिए श्रद्धालु यहां पर रुककर दर्शन करेंगे. भगवान शिव की प्रतिमा के आसपास कमल के फूल लगाए गए हैं. (Expansion of Mahakaleshwar temple in final stage) (New premises of Mahakaleshwar temple has 92 statues)