शहडोल। गुरुवार को करवा चौथ का त्यौहार है और इसकी तैयारी सुबह से ही सौभाग्यवती महिलाएं कर रही हैं. कोई बाजार में खरीददारी कर रहा है तो कोई पूजा की तैयारी रहा है. ऐसे में भगवताचार्य एवं ज्योतिषविद पंडित सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि इस वर्ष करवा चौथ में विशेष संयोग भी बन रहा है. जो बहुत ही फलदाई होगा. साथ ही उनका मानना है कि जो भी करवा चौथ का व्रत रखता है. वह सुबह-सुबह स्नान करने के बाद एक कलश जल सूर्य को जरूर अर्पित करे. आखिर क्या है इसके पीछे का राज साथ ही करवा चौथ में ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार क्या कुछ है खास, जानिए सबकुछ. karva chauth 2022, karva chauth pooja vidhi, Karva Chauth shubh muhurat
करवा चौथ का व्रत और महत्व: भगवताचार्य एवं ज्योतिषविद पंडित सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं की करवा चौथ का व्रत गुरुवार को है. करवा चौथ का व्रत जो सौभाग्यवती महिलाएं रखती हैं, वो सुबह स्नान इत्यादि करके देवी शक्ति की साधना इसमें की जाती है. देवी शक्ति की पूजा में विधिवत दिन भर व्रत रखती हैं. हमारे क्षेत्र में 7.54 में चंद्रमा के उदय होने का समय सारणी है, उसी समय पर वो स्त्रियां पहले तो देवी की पूजा करेंगी फिर सुंदर कथा श्रवण करेंगी और उसके बाद चंद्रमा का दर्शन हमारे क्षेत्र में जिसे चलनी कहा जाता है, उसमें दिया रखकर चंद्रमा का दर्शन करेंगे. फिर अपने पति के निरोगी और दीर्घायु की कामना करेंगी. पहले तो अपने क्षेत्र में बहुत व्यापक तौर पर इसे नहीं मनाया जाता था, लेकिन अब माताएं बहने इसे बहुत व्यापक तौर पर बड़े ही श्रद्धा और आस्था भाव से अपने क्षेत्र में भी मनाने लग गई हैं. इसमें सभी लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं.
करवा चौथ में इस वर्ष अद्भुत संयोग: इस वर्ष बहुत ही अद्भुत संयोग के साथ करवा चौथ प्रारंभ हो रहा है. अन्य वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष जो करवा चौथ का व्रत है वो बहुत ही फलदाई है. मेष राशि, वृष राशि, मिथुन राशि का विशेष प्रभाव रहेगा. कन्या, तुला और कर्क राशि में मध्यम प्रभाव रहेगा और अन्य राशियों में सामान्य प्रभाव रहेगा.
सुबह एक कलश जल सूर्य को जरूर करें अर्पित: भगवताचार्य एवं ज्योतिषविद पंडित सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि इस वर्ष करवा चौथ में जो स्त्रियां लाल वस्त्र धारण करेंगी और लाल चुनरी ओढ़ कर पूजा करेंगी उनको विशेष रूप से फल की प्राप्ति होगी. सौभाग्यवती स्त्रियां कुमकुम इत्यादि पर विशेष रूप से देवी की सेवा पूजा करें. सुबह उठकर एक लोटा जल सूर्य को भी जरूर अर्पित करें जिससे उनका सोया हुआ भाग्य जाग जाएगा.
शक्ति की आराधना की जाती है: शुभ मुहूर्त 7 बज के 54 मिनट से देर रात्रि तक बना हुआ है. किसी भी समय माताएं अपने पति की पूजा देवी की पूजा कर सकते हैं. इसमें शक्ति की आराधना की जाती है. एक करवा कलश मिलता है. उस कलश में छेद रहता है उसी कलश में कान्स इत्यादि को डाल करके उसी कलश से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और शक्ति की सेवा कुमकुम इत्यादि से धूप दीप नैवेद्य प्रसाद लगाकर के करते हैं. प्रमुख रूप से पति के लिए और पति की दीर्घायु की कामना के लिए इस व्रत को किया जाता है. शक्ति की पूजा के बाद इसमें पति की पूजा का भी विधान है. अपने पति का भी पूजन सौभाग्यवती स्त्रियां करती हैं.
राशियों में भी हुआ है परिवर्तन: पंडित सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि इस बार यह जो चौथ है चंद्रमा के साथ पूर्ण उदित चौथ माना जाएगा. इस बार राशियों में भी काफी परिवर्तन हुआ है. उन ग्रहों के परिवर्तन के कारण कई ग्रह परिवर्तित हुए हैं, शुक्र अस्त चल रहे हैं.
- मेष राशि के जो जातक हैं उनको लाल रंग का पुष्प अर्पित करना है. जिससे उनका सोया हुआ भाग्य परिवर्तित हो जाएगा.
- वृष राशि के जो जातक हैं उन जातकों को देवी को सिंदूर अर्पण करने से उनका भाग्य उदित होगा, इस बार ग्रहों का संयोग बहुत ही श्रेष्ठ है.
- तुला राशि के जातक देवी को वस्त्र अर्पण करें और फिर उस वस्त्र का स्वयं उपयोग करें.
- कर्क राशि के जो जातक हैं वो श्वेत वस्त्र अर्पण करके देवी की पूजा कर सकते हैं.
- मकर राशि के जो जातक हैं वो जल से देवी की पूजा करके उस जल को स्वयं ग्रहण कर सकते हैं, उससे उनका कल्याण होगा.
- मिथुन राशि के जो जातक है उन जातकों को भगवती को दो बिल्वपत्र अर्पित करना है जिससे उनके लिए यह वर्ष श्रेष्ठ रहेगा.
- शेष राशि सामान्य रूप से अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करके भगवती को खुश कर सकते हैं. (karva chauth 2022) (karva chauth pooja vidhi) (Karva Chauth shubh muhurat) (Karva Chauth rashiyo par asar)