रीवा। रकम को दोगुना करने का झांसा देकर लोगों के करोड़ों रुपए समेट कर चिटफंड कंपनी फरार हो गई. कंपनी में रुपए निवेश करने वाले पीड़ितों ने पुलिस की मदद ली है, जिस पर पुलिस ने कंपनी के मालिक सहित 6 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
दरअसल, हरियाणा की फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने शहर में अपना ऑफिस खोल रखा था, जहां कंपनी के कर्मचारियों ने लोगों को कम समय में उनके धन को दोगुना करने का झांसा दिया. पीड़ितों के लगभग चार करोड़ रुपये समेट कर कंपनी फरार हो गई.
लोगों का करोड़ों रुपये लेकर भागी चिटफंड कंपनी
फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने शहर में अपना ऑफिस खोल रखा था. इस कंपनी ने लोगों को धन कम समय में दोगुना करने का झांसा दिया. इसके अतिरिक्त लोगों को कृषि से संबंधित उपकरण प्रदान करने का भी वायदा किया था. 21 मई 2018 को मैरिज गार्डन में कंपनी का सेमिनार भी आयोजित हुआ, जिसमें लोगों को पैसों का लालच दिया गया. कंपनी के झांसे में आकर कई लोगों ने अपने रुपए लगा दिए. इसके बाद कंपनी 4 करोड़ रुपए समेट कर चंपत हो गई. लोगों को न तो भुगतान दिया गया और न ही उन को कृषि संबंधित उपकरण प्रदान किए गए.
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धन को दोगुना करने का दिया था झांसा
लोगों के धन को दोगुना करने वाली हरियाणा की फ्यूचर मेकर लाइफ केयर प्राइवेट लिमिटेड चिटफंड कंपनी ने प्रदेश के कई जिलों में लोगों के साथ ठगी की. शहडोल निवासी अजय श्रीवास्तव को जब कंपनी के द्वारा की गई धोखेबाजी का पता चला, तो कंपनी के प्रमोटर आशीष रजक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था.
कई लोग हुए है ठगी का शिकार
चिटफंड कंपनी के हाथों कई लोग ठगी का शिकार हुए है, जिसमें प्रदीप सोनी से 2 लाख रुपये, राजीव विश्वकर्मा से 11 लाख रुपये, सत्येंद्र अवधिया से 2 लाख रुपये, पवनीश द्विवेदी से 13 लाख रुपए, राहुल गुप्ता से 12 लाख रुपये, राममणि विश्वकर्मा से 10 लाख रुपये और अरुण कुमार वर्मा से 2 लाख रुपये लिए गए थे, लेकिन अब कंपनी लोगों का सारा पैसा हड़पकर गायब हो गई है.
फरवरी माह में भी चिटफंड कंपनी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
इससे पहले चिटफंड कंपनी के खिलाफ फरवरी माह में सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसमें कंपनी ने 23 लाख रुपए की ठगी की थी. उस मामले में भी आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण कायम है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.