मुरैना। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन के दौरान मेडिकल मार्केट खोलने की छूट भले ही सरकार ने दी हो, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने को लेकर शहर के मेडिकल मार्केट को भी बंद कर दिया था. महज पांच दुकानों को ही दवा बेचने के लिए दुकान खोलने की अनुमति दी गई.
इस कारण पूरे एक माह से मेडिकल मार्केट के दुकान संचालकों को दुकानों का किराया जमा करने को लेकर संशय बना हुआ है. रेड क्रॉस सोसाइटी की मार्केट में आधा सैकड़ा से अधिक दुकाने बनी हैं, जिनमें मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं, उनमें से सिर्फ तीन दुकानों को ही मेडिकल स्टोर खोलने की अनुमति मिली थी.
दुकानदारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस बात का देश के नाम संबोधन में जिक्र किया था कि जहां बाजार बंद रहेंगे वहां दुकान अथवा माल मकान मालिक उनको किराए में रियायत दें. मुरैना का मेडिकल मार्केट जिला अस्पताल के सामने बनी रेडक्रॉस की दो मंजिला मार्केट में संचालित होता है.
यहां दुकानों का किराया 2000 से लेकर 50000 तक प्रतिभा रेडक्रॉस द्वारा लिया जाता है. लॉकडाउन के दौरान पूरे 1 माह तक यह मेडिकल मार्केट बंद रहा है. ऐसे में दुकानदारों को किराए की भारी-भरकम रकम जमा करने की चिंता सता रही है तो वहीं उन्हें किराए में रियायत रेड क्रॉस सोसाइटी अथवा जिला प्रशासन द्वारा दी जाएगी या नहीं इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश भी नहीं दिए गए हैं.