इंदौर। मां एक ऐसा शब्द है, जिसके व्यापकता की थाह कोई नहीं लगा सका है. मां शब्द में पूरी दुनिया समाहित हो जाती है. या यूं कहें कि बच्चों के लिए मां ही उसकी पूरी दुनिया होती है, लेकिन समय के साथ-साथ ये रिश्ते भी बेमानी साबित होने लगे हैं और मां शब्द के मायने भी बदलने लग गए हैं. अब इस शब्द से क्रूरता-निर्दयता की बू आती है क्योंकि 9 महीने तक अपने बच्चे को गर्भ में पालने वाली मां आखिर प्रसव के बाद हत्यारिन क्यों बन गई.
भले ही कलयुगी मां अपने जिगर के टुकड़े को मौत के मुंह में फेंक गयी थी, लेकिन कहते हैं कि जाको राखे साइयां मार सके न कोय, यही हुआ उस मासूम के साथ और मासूम के पास मौत पहुंचती, उससे पहले ही वहां चंदन नगर के लोग वहां फरिश्ता बनकर पहुंच गये और बोरी में बंधे नवजात को 108 की मदद से अस्पताल पहुंचाया. जब स्थानीय लोग बच्चे के पास पहुंचे.
चंदनगर थाना क्षेत्र के आशियाना कॉलोनी में फेंके गये नवजात को कुत्ते नोच रहे थे, तभी राहगीरों को मासूम के रोने की आवाज सुनाई पड़ी. तब उनकी नजर उस बंद बोरी पर पड़ी. जिसमें नवजात बंद था और जानवर उसे नोच रहे थे. वहां मौजूद लोगों ने बोरी को खोलकर देखा तो नवजात उसमें पड़ा मिला. रहवासियों ने तुरंत घटना की सूचना चंदनगर पुलिस को दी. बच्चे को 108 की मदद से एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां बच्चा जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.
मां ने जिस निर्दयता से ममता का गला घोंटा है, उसने पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया है, जबकि मां जब तक अपने बच्चे को सीने से नहीं लगा लेती, तब तक वह उसे महफूज नहीं मानती, लेकिन जब मां ही इस तरह से ममता का कत्ल करने लगेगी तो फिर मासूमों की हिफाजत कैसे होगी?