भोपाल। डीबी मॉल, आशिमा मॉल, न्यू मार्केट, लालघाटी समेत शहर की करीब दर्जन भर लोकेशन में एक खास तरह का शोर सुबह से ही मचना शुरू हो गया था. कमाल की बात यह है कि कि यह शोर पुलिस की निगरानी में हो रहा था और इसे देखने के बड़े-बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद भी थे. लोग शोर मचाने वालों को टकटकी लगाए देख रहे थे. उनसे खुद को कनेक्ट करके सीख भी ले रहे थे. असल में इस बार भोपाल पुलिस ने भोपाल के बीएसएसएस कॉलेज के 50 से अधिक स्टूडेंट को अपने साथ नुक्कड़ नाटक के लिए जोड़ा है. ये टीम Police Commissioner Team Dwara Chinhit की गई इन लोकेशन पर हिंसा मुक्त समाज की परिकल्पना के आधार पर नुक्कड़ नाटक आयोजित कर रहे थे.
छात्रों की मदद से बनाया अनोखा रिकार्ड: पुलिस ने इस गांधी जयंती पर शहर के बीएसएसएस कॉलेज के छात्रों की मदद से मिलकर यह अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का कार्यक्रम किया. इसके लिए शहर में अलग-अलग लोकेशन फाइनल की गई और एक ग्रुप में करीब 15 छात्रों को शामिल किया गया. यह छात्र उन मौके पर जाते और नुक्कड़ नाटक का आयोजन करते हैं. इस दौरान वह अपने ही तरीके से समाज को जगाने के लिए शोर भी मचाते. साइबर क्राइम से भी लोगों को अवेयर करते, शराब से अवेयर करते हैं और इन सब से जुड़ी हिंसा से दूर रहने का भी कहते हैं. हरेक इलाके में भोपाल पुलिस के बड़े अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी. इनमें डीसीपी, एडिशनल डीसीपी, एसीपी समेत थाने का पुलिस हमला मौजूद था.
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डिजिटल डाटा को बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड के सामने रखा जाएगा: आशिमा मॉल में नुक्कड़ नाटक देखने आए डीसीपी पुलिस हेडक्वार्टर सुधीर अग्रवाल ने बताया कि कितने भी नुक्कड़ नाटक किया जा रहे हैं. उन सभी की वीडियोग्राफी कराई जा रही है. इस डिजिटल डाटा को बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड के सामने रखा जाएगा, ताकि उनके 24 घंटे में 500 से अधिक नाटक करने का रिकॉर्ड दर्ज कराया जा सके. वहीं बीएसएसएस कॉलेज की शिक्षिका और इस पूरे नुक्कड़ नाटक आयोजन को कॉलेज की तरफ से देख रही मंजू मेहता ने बताया कि जो टीम का नाटक कर रही है. वह पूर्व में भी दो रिकॉर्ड बना चुकी है. छात्र-छात्राओं से बात की तो बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए और कहा की यह उनके लिए अचीवमेंट है कि पुलिस ने उनको इस काम के लिए चुना और समाज को जगाने का जिम्मा दिया. आशिमा मॉल में नाटक देखने आए लोग भी काफी खुश थे और उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक उन्हें कनेक्ट करता है और अंदर तक जोड़ता है.