भोपाल। चिरायु अस्पताल की लापरवाही के चलते एक कोरोना मरीज की मौत हो गई है. मरीज को भोपाल के मालवीय नगर स्थित पीपुल्स हाइटेक हॉस्पिटल से चिरायु अस्पातल रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस का ड्राइवर आधे रास्ते से वापस लौकर मरीज को पीपुल्स अस्पताल के बाहर छोड़कर भाग गया. इस मामले में कलेक्टर ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जबकि सीएम शिवराज भी जांच के आदेश दे चुके हैं.
बताया जा रहा है कि करीब 13 दिन पहले 60 वर्षीय वाजिद अली को किडनी की बीमारी से पीड़ित होने पर पीपुल्स हाइटेक हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण की संभावनाओं को देखते हुए 5 जुलाई के दिन एक निजी अस्पताल के लैब में उसका कोरोना वायरस टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट कल पॉजिटिव आई थी.
रिपोर्ट आने के बाद पीपुल्स अस्पताल के डॉक्टर ने प्रोटोकॉल के मुताबिक मरीज को चिरायु अस्पताल रेफर कर दिया. मरीज को चिरायु अस्पताल की एंबुलेंस लेने आई, लेकिन मरीज की हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस आधे रास्ते से वापस मरीज को पीपुल्स अस्पताल वापस लाकर अस्पताल के बाहर ही छोड़कर चली गई.
इस पूरी घटना के बारे में पीपुल्स अस्पताल की मैनेजर डॉ मंजू सिंह ने बताया, 'शाम को करीब 5.30 बजे हमने मरीज को चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया था. यहां से मरीज को ले जाने के बाद करीब रात 8 बजे एंबुलेंस वापस ले आयी. इस बीच मरीज को अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया, उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसे यहां क्यों लाया गया, इसकी जांच की जा रही है.'
क्या कह रहा है पीपुल्स हॉस्पिटल प्रबंधन
डॉक्टर मंजू सिंह ने कहा, जब मरीज को वापस पीपुल्स हॉस्पिटल लाया गया तो उसकी मौत हो चुकी थी, लेकिन फिर भी हमारे डॉक्टर ने उसकी जांच की. चूंकि कोरोनावायरस प्रोटोकॉल के मुताबिक हम अपने अस्पताल में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती नहीं कर सकते. इसलिए हमने दोबारा चिरायु में मरीज के बारे में जानकारी दी. इसके बाद चिरायु अस्पताल की एंबुलेंस मृतक को वापस लेकर गई.
सीएम शिवराज ने दिए जांच के आदेश
पीपुल्स अस्पताल प्रबंधन का कहना है, हमारे पास इस पूरी घटना का सीसीटीवी है कि कब एंबुलेंस मरीज को लेकर गई है और कब उसे वापस लाया गया है. हमने प्रोटोकॉल के मुताबिक ही काम किया है. इस पूरे मामले में कलेक्टर अविनाश लवानिया ने भी इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी किए हैं. चिरायु मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की ओर से अब तक इस घटना को लेकर कोई भी बयान सामने नहीं आया है.