अशोकनगर। कृषि उपज मंडी में अपनी मांगों को लेकर व्यापारी तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे. इस दौरान व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी की. इसके साथ ही तीन सूत्रीय मांगों को जल्द मानने के लिए मुख्यमंत्री से अपील भी की है.
24 सितंबर से कृषि उपज मंडी के समस्त व्यापारी ग्रैंड मर्चेंट एसोसिएशन के बैनर तले मंडी में हड़ताल पर बैठे हुए हैं. व्यापारियों का कहना है कि मंडी टैक्स एवं निराश्रित शुल्क को समाप्त कर देना चाहिए, अनुज्ञा पत्र प्रणाली समाप्त हो, इसके अलावा मॉडल एक्ट मंडी के अंदर एवं बाहर समान रूप से लागू करना चाहिए. एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जैन का कहना है कि मंडी क्षेत्र के बाहर व्यापार करने पर 3 दिन में आरटीजीएस से किसानों को पेमेंट करने की सुविधा दी गई है. मंडी क्षेत्र के बाहर लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है. मंडी क्षेत्र के बाहर अनुज्ञा पत्र की आवश्यकता भी नहीं है. हमारे द्वारा मंडी के अंदर व्यापार करने पर एक कुंटल पर ₹70 टैक्स दिया जाता है. हमारी मांग यह है कि मंडी क्षेत्र के बाहर जब यह सुविधा दी जा रही है कि कोई टैक्स नहीं लेंगे, तो यह सुविधा मंडी के अंदर भी क्यों नहीं दी जा रही है ?
एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि हमारी उपचुनाव में सरकार के विरुद्ध भूमिका रहेगी. किसान और सभी व्यापारी प्रयास करेंगे कि सरकार को सत्ता में नहीं आना चाहिए. इसके लिए हम अपने समान अधिकार के लिए लड़ेंगे.चुनाव का बहिष्कार न करते हुए उन्होंने सरकार को बदलने का निर्णय लिया है.