इंदौर। अपने नए-नए इनोवेशन और बिजनेस आइडिया को लेकर चर्चा में रहने वाले भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी देश के एकमात्र ऐसे केंद्रीय मंत्री हैं, जो अपनी जेब में पर्स या बटुआ ही नहीं रखते. इसकी वजह है उनका पर्स खोने का डर. जिन्होंने भाजपा अध्यक्ष पद से हटने के बाद पर्स रखना ही छोड़ दिया. इंदौर में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर विमोचन एक पुस्तक समारोह में उन्होंने यह खुलासा किया है. इस दौरान उन्होंने सुमित्रा महाजन को मूल्य आधारित राजनीति की प्रतिकृति बताया.
तीन बार कटी जेब: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर आधारित पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, भाजपा पार्टी विद डिफरेंस के अलावा पार्टी विद मास भी है. इसका अंदाजा उन्हें तब लगा, जब भाजपा अध्यक्ष रहते उनके स्वागत सत्कार के दौरान कई बार उनकी जेब कट गई. नितिन गडकरी के मुताबिक जब-जब भी उनकी जेब कटी, उन्होंने यह बताया तो न्यूज़ बन गई. लेकिन परेशानी हल नहीं हुई, एक के बाद एक करके तीन बार जब उनके साथ यह घटना घटी, तो उन्होंने अब अपने पॉकेट में पर्स रखना ही छोड़ दिया.
सादगी पसंद नेता थे जॉर्ज फर्नांडिस: नितिन गडकरी ने कहा, भाजपा में राजनीति ऐसी हो गई है कि स्वागत सत्कार में ही कपड़े फट जाते हैं. इसके अलावा स्वागत सत्कार पर इतना खर्च होता है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने इस अवसर पर पूर्व रक्षा मंत्री स्वर्गीय जॉर्ज फर्नांडिस को याद करते हुए कहा, वह इतने सादगी पसंद नेता थे कि अपने दांत का इलाज कराने अकेले ही नागपुर आ जाते थे और उन्हें लेकर रेस्टोरेंट जाते थे. उनसे ज्यादा सिंपल और साधारण व्यक्ति मैंने नहीं देखा, वह आज भी मेरे आईकन हैं.
इतिहास का इस्तेमाल गलती खोजने के लिए नहीं किया जाना चाहिए : गडकरी
पार्षद रहते किया स्वागत सत्कार से किनारा: पुराने दौर को याद करते हुए गडकरी ने कहा, जब एक बार पार्षद रहते उनका स्वागत हुआ तो कई लोगों ने उन्हें गुलाब की मालाएं पहना दीं. इसके बाद उन्होंने पूछा कि इतनी मालाएं पहनाई है तो नगर निगम में कितने ज्यादा रुपए का बिल लगाया होगा. इसके बाद उन्होंने स्वागत सत्कार से किनारा करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा मैं अकेले ही एयरपोर्ट से कहीं भी चला जाता हूं और नागपुर लौट आता हूं. लेकिन मुझे छोड़ने और लेने कोई नहीं आता, क्योंकि यह जरूरी नहीं है. अब मैं जेड प्लस सिक्योरिटी में रहता हूं, इसलिए सिक्योरिटी वाले भी किसी को नहीं आने देते, इससे स्वागत सत्कार से बच जाता हूं.
अवसरवादी हो गई है राजनीति: गडकरी ने कहा, आज के दौर की राजनीति अवसरवादी हो चुकी है. उन्होंने उदाहरण देकर कहा, यदि चाय में शक्कर नहीं डालो तो चमचा दौड़कर नहीं आता. ठीक है, ऐसी स्थिति राजनीति में पूर्व हो जाने पर होती है. जब सांसद पूर्व सांसद हो जाता है, विधायक पूर्व विधायक हो जाता है. इसके बाद बंगला गाड़ी लाव-लश्कर सब चला जाता है, लेकिन भाजपा में कार्यकर्ता कभी पूर्व कार्यकर्ता नहीं होता. सुमित्रा महाजन ऐसी ही कार्यकर्ता हैं, जो कभी पूर्व नहीं हो सकतीं.
ताई के राजनीतिक जीवन पर पुस्तक: पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कार्यकाल पर लेखक मेघा किरीट द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया. इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा समेत सांसद शंकर लालवानी, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और भी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.