रांची: गणतंत्र दिवस को लेकर एक तरफ जहां पूरा शहर अलर्ट मोड पर है. वहीं दूसरी तरफ एयरपोर्ट प्रशासन भी सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. एयरपोर्ट प्रबंधन के साथ-साथ सीआईएसएफ के जवान और जिला बल के जवान प्रतिदिन आने जाने वाले यात्रियों की गहन जांच कर रहे हैं. सीआईएसएफ और जिला बल के जवान विशेष निगरानी कर रहे हैं. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी सुरक्षा के मद्देनजर अपने सभी कर्मचारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए हैं.
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सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार बताते हैं कि 15 अगस्त और 26 जनवरी को सरकारी की ओर से रूटीन अलर्ट जारी किया जाता है. जिसके अंतर्गत सीआईएसएफ के जवानों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाती है. डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार ने बताया कि ऐसे तो सीआईएसएफ के जवान पूरे साल यात्रियों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, लेकिन 26 जनवरी और 15 अगस्त से मौके पर हमारे जवान सिक्योरिटी की प्रक्रिया को और भी सख्त कर देते हैं ताकि कोई भी असामाजिक तत्व एयरपोर्ट के माध्यम से शहर के अंदर प्रवेश ना कर सके.
वहीं एयरपोर्ट प्रबंधन ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 जनवरी और 15 अगस्त से मौके पर यात्रियों को डबल सिक्योरिटी चेक कराना पड़ता है. ऐसे में एयरपोर्ट प्रबंधन की तरफ से एयरलाइंस को पहले ही सूचित कर दिया जाता है कि यात्रियों को एयरपोर्ट पर दो से तीन घंटे पहले आने के बारे में सूचित कर दिया जाए ताकि यात्रियों को किसी तरह की समस्याओं का सामना ना करना पड़े.
26 जनवरी के मौके पर एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए मंगलवार को सीआईएसएफ और जिला बल के जवानों के द्वारा मॉक ड्रिल किया गया. मोबाइल में बम निरोधक दस्ता रियल टाइमिंग यूजिंग मशीन डॉग स्क्वायड की टीम तैनात रही. एयरपोर्ट थाना के एएसआई सुधांशु कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट प्रशासन और जिला प्रशासन एयरपोर्ट पर आने जाने वाले लोगों पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं. जो भी अंजान चेहरे या फिर शक की निगाह से देखे जा रहे हैं. वैसे लोगों को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की जाती है, पूछताछ के बाद जब सारी जानकारी मिल जाती है और यह आश्वस्त हो जाते हैं कि संबंधित व्यक्ति जरूरी काम से ही एयरपोर्ट पहुंचा था तभी उन्हें छोड़ा जाता है.
एयरपोर्ट पर जितने भी यात्री आ रहे हैं उनके सामानों की सघन जांच की जा रही है और जो यात्री एयरपोर्ट में प्रवेश कर रहे हैं, दूसरे राज्य जाने के लिए उनके भी सामानों की सघन जांच कराई जा रही है. एयरपोर्ट परिसर में घुसने वाली गाड़ियों की भी तीन से चार बार चेकिंग की जाती है ताकि परिसर के अंदर भी कोई भी असामाजिक तत्व प्रवेश न कर सके. मंगलवार को हुए मॉक ड्रिल में भी सीआईएसफ के जवानों ने श्वान दस्ता और बम निरोधक टीम के साथ एयरपोर्ट पर बम डिफ्यूज करने की प्रैक्टिस कराई गई ताकि यदि किसी भी तरह की विपरीत परिस्थिति होती है तो एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ और जिला बल के जवान उससे निपटने में सक्षम रहे.
सुरक्षा में तैनात पदाधिकारियों ने बताया कि 26 जनवरी के साथ-साथ 27 जनवरी को होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर भी जवान मुस्तैद हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मैच रांची में हो रहा है. ऐसे में पुलिसकर्मी और प्रशासन के लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी तरह की सुरक्षा में चूक ना हो, ताकि हमारे राज्य और जिले की बदनामी ना हो.
गौरतलब है कि रांची एयरपोर्ट काफी संवेदनशील एयरपोर्ट के रूप में जाना जाता है. पिछले दिनों अंजान नंबरों से एयरपोर्ट उड़ाने की बात भी सामने आई थी. इन सभी बातों को देखते हुए सीआईएसफ की टीम 24 घंटे एयरपोर्ट के चप्पे-चप्पे पर नजर बनाकर रखी हुई है. पूरे मॉक ड्रिल के दौरान जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीआईएसफ के डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार और एयरपोर्ट थाना प्रभारी आनंद कुमार मौजूद रहे. दोनों पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि उनके जवान इस बार के 26 जनवरी के लिए विशेष तैयार हैं, क्योंकि 26 जनवरी के साथ-साथ इंटरनेशनल क्रिकेट टीम भी रांची पहुंच रही है.