रांची: एचइसी के पूर्व सीनियर डीजीएम को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. एचइसी के ट्रांसपोर्टिंग में फर्जीवाड़ा कर अधिक पैसा निकासी करने के मामले में सजायाफ्ता सीनियर डीजीएम राम नमूना सिंह सहित अन्य आरोपियों को राहत मिली है. अदालत ने उन्हें 25-25 हजार के दो निजी मुचलके पर जमानत की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है. सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें सजा दी है.
झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी की अदालत में एचइसी में ट्रांसपोर्टिंग में फर्जीवाड़ा करने के मामले में सीबीआई कोर्ट से सजायाफ्ता ट्रांसपोर्टिंग, शिपिंग विभाग के सीनियर डीजीएम राम नमूना सिंह, ट्रांसपोर्टर अवानी कांत मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा, कुमार गौरव मिश्रा की अपील और जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. न्यायाधीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की. अधिवक्ताओं ने अपने आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अपना पक्ष रखा. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीनियर डीजीएम सहित ट्रांसपोर्टरों की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है. उन्हें 25-25 हजार के दो-दो निजी मुचलके भरने और सुनवाई के दौरान सहयोग करने की शर्त पर जमानत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
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बता दें कि एचइसी के ट्रांसपोर्टिंग में फर्जीवाड़ा कर अधिक पैसा निकालने के मामले में अदालत ने सीनियर डीजीएम राम नमूना सिंह सहित अन्य सभी ट्रांसपोर्टरों को दोषी मानते हुए सजा दी थी. निचली अदालत ने उसी सजा को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए अपील याचिका दायर की. उसी पर सुनवाई के दौरान जमानत की मांग की गई, जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत की सुविधा देने का आदेश दिया है.