पाकुड़: देश में पेट्रोलियम पदार्थों (Petroleum Substances) की कीमत में हुई बढ़ोतरी के बाद सबसे ज्यादा असर पाकुड़ जिला के पेट्रोल-पंप मालिकों पर पड़ा है. इसका मुख्य कारण है कि पश्चिम बंगाल में डीजल (Diesel) की कीमत का कम होना. जिससे यहां के पेट्रोल-पंप मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और वो कर्मियों को वेतन देने में असमर्थता जाहिर कर रहे है. डीजल की बिक्री कम हो जाने और स्थिति बिगड़ने के बाद जिला के पेट्रोल-पंप मालिकों ने मंगलवार को पेट्रोल-पंप के मालिकों ने राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री से मुलाकात की और राज्य सरकार से डीजल में टैक्स घटाने की मांग की.
इसे भी पढ़ें- कांग्रेस का महंगाई को लेकर बीजेपी पर तंज, कहा-अच्छे दिन का कैसा वार, पेट्रोल हो गया 100 के पार
मंत्री से मिलने पहुंचे जॉय हेंब्रम ने बताया कि पाकुड़ पत्थर औधोगिक क्षेत्र है और यहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन पश्चिम बंगाल जाते हैं. पहले ट्रक चालक पाकुड़ में डीजल भरवाते थे. जब से पश्चिम बंगाल में टैक्स घटा दिया गया, तब से ट्रक मालिकों को 3 रुपया प्रतिलीटर फायदा मिलने से सभी ट्रक मालिक बंगाल से ही डीजल लेने लगे हैं. जिस कारण यहां के पेट्रोल-पंप मालिकों की स्थिति बिगड़ गई. अगर राज्य सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया आने वाले दिनों में हमें पेट्रोल-पंप बंद करना होगा.
जॉय हेंब्रम ने बताया कि पाकुड़ जिला बंगाल की सीमा से सटे होने के कारण यहां के क्रशर संचालक भी डीजल बंगाल से मंगा लेते हैं. जॉय हेंब्रम ने बताया कि पाकुड़ में डीजल 93 रुपये 22 पैसे है, जबकि पश्चिम बंगाल में 90 रुपये 22 पैसे प्रतिलीटर है. इस मामले में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इस पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी. ताकि यहां के व्यवसायी को नुकसान ना हो और सरकार को राजस्व भी मिलता रहे.