गिरिडीह: दूसरे चरण में गिरिडीह के जिन चार प्रखंड देवरी, बेंगाबाद, गावां व तिसरी इलाके में मतदान हुआ, वह इलाका नक्सल प्रभावित है. झारखंड अलग होने के बाद राज्य का सबसे बड़ा नरसंहार देवरी के भेलवाघाटी व चिलखारी में हुआ था. 11 सितंबर 2005 को भेलवाघाटी में नक्सलियों ने हमला बोला था और यहां नक्सलियों से लोहा ले रहे 17 लोगों की हत्या कर दी थी. इसके अलावा 26 अक्तूबर 2007 को नक्सलियों ने देवरी के चिलखारी (चिलखरियोडीह) गांव में हमला कर राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत 19 लोगों की हत्या कर दी थी. इन दोनों इलाकों में पंचायत चुनाव के दौरान काफी उत्साह देखा गया. यहां सुबह से ही वोटरों की कतार लगी रही.
सड़क, शिक्षा के लिए मतदान: ईटीवी के संवाददाता ने बिहार से सटे इन बूथों का जायजा लिया और मतदाताओं से बात की. चिलखारी के मतदाताओं ने बताया कि यहां की सड़क जर्जर है और शिक्षा के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. वे लोग विकास के लिए मतदान किया है. लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में विकास होगा तो रोजगार भी मिलेगा और जो भटकते हैं वे भी मुख्यधारा में आकर काम करेंगे.