ETV Bharat / state

जिन इलाके में नक्सलियों ने ली थी 36 की जान, वहां जमकर हुआ मतदान - गिरिडीह न्यूज

पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मतदाता उत्साहित हैं. नक्सल प्रभावित इलाके में जमकर मतदान हो रहा है. उग्रवाद प्रभावित भेलवाघाटी और चिलखारी के बूथों पर भी जमकर मतदान हुआ है. ईटीवी की टीम ने इन इलाकों का जायजा लिया.

voting in Naxal affected area in Giridih
voting in Naxal affected area in Giridih
author img

By

Published : May 19, 2022, 9:39 PM IST

Updated : May 19, 2022, 10:40 PM IST

गिरिडीह: दूसरे चरण में गिरिडीह के जिन चार प्रखंड देवरी, बेंगाबाद, गावां व तिसरी इलाके में मतदान हुआ, वह इलाका नक्सल प्रभावित है. झारखंड अलग होने के बाद राज्य का सबसे बड़ा नरसंहार देवरी के भेलवाघाटी व चिलखारी में हुआ था. 11 सितंबर 2005 को भेलवाघाटी में नक्सलियों ने हमला बोला था और यहां नक्सलियों से लोहा ले रहे 17 लोगों की हत्या कर दी थी. इसके अलावा 26 अक्तूबर 2007 को नक्सलियों ने देवरी के चिलखारी (चिलखरियोडीह) गांव में हमला कर राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत 19 लोगों की हत्या कर दी थी. इन दोनों इलाकों में पंचायत चुनाव के दौरान काफी उत्साह देखा गया. यहां सुबह से ही वोटरों की कतार लगी रही.

सड़क, शिक्षा के लिए मतदान: ईटीवी के संवाददाता ने बिहार से सटे इन बूथों का जायजा लिया और मतदाताओं से बात की. चिलखारी के मतदाताओं ने बताया कि यहां की सड़क जर्जर है और शिक्षा के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. वे लोग विकास के लिए मतदान किया है. लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में विकास होगा तो रोजगार भी मिलेगा और जो भटकते हैं वे भी मुख्यधारा में आकर काम करेंगे.

जानकारी देते संवाददाता अमरनाथ सिन्हा
जर्जर भवन को बनाया गया बूथ: चिलखारी के मतदाता बुधवाडीह में अवस्थित बूथ पर मतदान किया. यह बूथ जिस भवन में बनाया गया था वह काफी जर्जर था और छत भी टूटा हुआ था. यहां पर वोटिंग करवा रहे कर्मियों का कहना था कि केंद्र बनाते वक्त इन बातों का ध्यान रखना था. अधिकारी थे डटे: इधर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी डटे हुए थे. खोरी महुआ के एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने कहा कि उग्रवाद प्रभावित इलाके में खुलकर मतदान हुआ है.

गिरिडीह: दूसरे चरण में गिरिडीह के जिन चार प्रखंड देवरी, बेंगाबाद, गावां व तिसरी इलाके में मतदान हुआ, वह इलाका नक्सल प्रभावित है. झारखंड अलग होने के बाद राज्य का सबसे बड़ा नरसंहार देवरी के भेलवाघाटी व चिलखारी में हुआ था. 11 सितंबर 2005 को भेलवाघाटी में नक्सलियों ने हमला बोला था और यहां नक्सलियों से लोहा ले रहे 17 लोगों की हत्या कर दी थी. इसके अलावा 26 अक्तूबर 2007 को नक्सलियों ने देवरी के चिलखारी (चिलखरियोडीह) गांव में हमला कर राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत 19 लोगों की हत्या कर दी थी. इन दोनों इलाकों में पंचायत चुनाव के दौरान काफी उत्साह देखा गया. यहां सुबह से ही वोटरों की कतार लगी रही.

सड़क, शिक्षा के लिए मतदान: ईटीवी के संवाददाता ने बिहार से सटे इन बूथों का जायजा लिया और मतदाताओं से बात की. चिलखारी के मतदाताओं ने बताया कि यहां की सड़क जर्जर है और शिक्षा के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. वे लोग विकास के लिए मतदान किया है. लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में विकास होगा तो रोजगार भी मिलेगा और जो भटकते हैं वे भी मुख्यधारा में आकर काम करेंगे.

जानकारी देते संवाददाता अमरनाथ सिन्हा
जर्जर भवन को बनाया गया बूथ: चिलखारी के मतदाता बुधवाडीह में अवस्थित बूथ पर मतदान किया. यह बूथ जिस भवन में बनाया गया था वह काफी जर्जर था और छत भी टूटा हुआ था. यहां पर वोटिंग करवा रहे कर्मियों का कहना था कि केंद्र बनाते वक्त इन बातों का ध्यान रखना था. अधिकारी थे डटे: इधर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी डटे हुए थे. खोरी महुआ के एसडीपीओ मुकेश कुमार महतो ने कहा कि उग्रवाद प्रभावित इलाके में खुलकर मतदान हुआ है.
Last Updated : May 19, 2022, 10:40 PM IST
ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.