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सदर अस्पताल में चार दिनों से सड़ रही लाश, कीड़े और बदबू से हो रही परेशानी - सिविल सर्जन डॉ एनके रजक

गढ़वा: सदर अस्पताल में पिछले चार दिनों से एक अज्ञात लाश सड़ रही है. इसकी दुर्गंध से सभी लोग परेशान हैं. सूचना के बाद भी थाना बॉडी के डिस्पोजल करने नहीं पहुंची.

अस्पताल में चार दिनों से पड़ी है लाश
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Published : Jun 18, 2019, 2:33 PM IST

गढ़वा: सदर अस्पताल में चार दिनों से एक अज्ञात लाश सड़ रही है. उसके बदबू से लोग परेशान हैं, बॉडी से निकल रहे कीड़ों से इन्फेक्शन की संभावना बढ़ने लगी है. सीएस ने कहा कि आदेश के बाद भी थाना बॉडी के डिस्पोजल में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है.

अस्पताल में चार दिनों से पड़ी है लाश

चार दिन से रखी है लाश
दरअसल, जनवरी 2019 में भवनाथपुर की एक महिला सदर अस्पताल में बेहोशी की स्थिति में एक अज्ञात पुरुष को सदर अस्पताल में भर्ती कराई थी. इलाज के बाद वह व्यक्ति होश में आ गया था और अपना नाम जिंकु बता रहा था. वह अस्पताल में ही रहकर अपना इलाज करा रहा था और चार दिन पूर्व उसकी मौत हो गई.

पुराने सर्जिकल वार्ड में रखा है शव
वहीं, उसकी बॉडी को पुराना सर्जिकल वार्ड में रख दिया गया. तब से वह वहीं पड़ा है. अब उस बॉडी की दुर्गंध और कीड़े पूरे अस्पताल को अपने आगोश में लेने लगे हैं. बदबू के कारण अस्पताल के कर्मचारी भी उस वार्ड की ओर जाना छोड़ दिए हैं.

ये भी पढ़ें- विधायक प्रदीप यादव की जमानत याचिका खारिज, यौन शोषण का है आरोप

'थाने को सूचना दी गई है पर नहीं पहुंचे'
सिविल सर्जन डॉ एनके रजक ने बताया कि बॉडी डिस्पोजल के लिए सदर एसडीओ को लिखा गया था. उन्होंने थाना को आदेश भी दे दिया है, लेकिन थाना वाले बॉडी डिस्पोजल नहीं कर सके. उन्होंने यह भी कहा कि यही बॉडी डिस्पोजल का सीधा आदेश उन्हें मिलता तो अपना पैसा खर्च कर अस्पताल को साफ कर देते.

गढ़वा: सदर अस्पताल में चार दिनों से एक अज्ञात लाश सड़ रही है. उसके बदबू से लोग परेशान हैं, बॉडी से निकल रहे कीड़ों से इन्फेक्शन की संभावना बढ़ने लगी है. सीएस ने कहा कि आदेश के बाद भी थाना बॉडी के डिस्पोजल में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है.

अस्पताल में चार दिनों से पड़ी है लाश

चार दिन से रखी है लाश
दरअसल, जनवरी 2019 में भवनाथपुर की एक महिला सदर अस्पताल में बेहोशी की स्थिति में एक अज्ञात पुरुष को सदर अस्पताल में भर्ती कराई थी. इलाज के बाद वह व्यक्ति होश में आ गया था और अपना नाम जिंकु बता रहा था. वह अस्पताल में ही रहकर अपना इलाज करा रहा था और चार दिन पूर्व उसकी मौत हो गई.

पुराने सर्जिकल वार्ड में रखा है शव
वहीं, उसकी बॉडी को पुराना सर्जिकल वार्ड में रख दिया गया. तब से वह वहीं पड़ा है. अब उस बॉडी की दुर्गंध और कीड़े पूरे अस्पताल को अपने आगोश में लेने लगे हैं. बदबू के कारण अस्पताल के कर्मचारी भी उस वार्ड की ओर जाना छोड़ दिए हैं.

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'थाने को सूचना दी गई है पर नहीं पहुंचे'
सिविल सर्जन डॉ एनके रजक ने बताया कि बॉडी डिस्पोजल के लिए सदर एसडीओ को लिखा गया था. उन्होंने थाना को आदेश भी दे दिया है, लेकिन थाना वाले बॉडी डिस्पोजल नहीं कर सके. उन्होंने यह भी कहा कि यही बॉडी डिस्पोजल का सीधा आदेश उन्हें मिलता तो अपना पैसा खर्च कर अस्पताल को साफ कर देते.

Intro:गढ़वा। सदर अस्पताल में 4 दिनों से एक अज्ञात लाश सड़ रही है।उसके बदबू से लोग परेशान हैं, वही बॉडी से निकल रहे कीड़ों से इन्फेक्शन की संभावना बढ़ने लगी है। सीएस ने कहा कि आदेश के बाद भी थाना बॉडी के डिस्पोजल में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।


Body:दरअसल जनवरी 2019 में भवनाथपुर की एक महिला सदर अस्पताल में बेहोशी की स्थिति में एक अज्ञात पुरुष को सदर अस्पताल में भर्ती करायी थी। इलाज के बाद वह व्यक्ति होश में आ गया था और अपना नाम जिंकु बता रहा था। वह अस्पताल में ही रहकर अपना इलाज करा रहा था। 4 दिन पूर्व उसकी मौत हो गयी। उसके बॉडी को पुराना सर्जिकल वार्ड में रख दिया गया। तब से वह वहीं पड़ा है। अब उस बॉडी की दुर्गंध और कीड़े पूरे अस्पताल को अपने आगोश में लेने लगे हैं। बदबू के कारण अस्पताल के कर्मचारी भी उस वार्ड की ओर जाना छोड़ दिये हैं।


Conclusion:सिविल सर्जन डॉ एनके रजक ने बताया कि बॉडी डिस्पोजल के लिये सदर एसडीओ को लिखा गया था। उन्होंने थाना को आदेश भी दे दिया है, लेकिन थाना वाले बॉडी डिस्पोजल नहीं कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि यही बॉडी डिस्पोजल का सीधा आदेश उन्हें मिलता तो अपना पैसा खर्च कर अस्पताल को साफ कर देते।उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए वे फिर से अनुमंडल पदाधिकारी से बात कर रहे हैं।
विजुअल-
बाइट-महिला सुरक्षा कर्मी पुष्पांजलि
बाइट-सिविल सर्जन डॉ एनके रजक
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