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ये कैसे सांसद! गोद लिए पंचायत का नहीं कर पा रहे भरण पोषण, लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं - चतरा का हुसिया पंचायत

2020 में भाजपा सांसद सुनील सिंह ने चतरा के हुसिया पंचायत को गोद लिया था. करीब एक साल बीत गए हैं लेकिन पंचायत के लोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं. गोद लेने के बाद सांसद ने पंचायत में विकास का कोई खास काम नहीं किया.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
सांसद सुनील सिंह का गोद लिया गांव
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Published : Jun 28, 2021, 8:10 PM IST

Updated : Jun 28, 2021, 9:15 PM IST

चतरा: 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उसी साल 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी. सांसदों और विधायकों से एक-एक गांव गोद लेने की अपील की थी. योजना तो जोर-शोर ने बनी लेकिन कई गांवों में यह धरातल पर नहीं उतर सकी.

यह भी पढ़ें: एक ऐसा गांव जहां हाथ में चप्पल लेकर घूमते हैं लोग, जानिये क्यों ?

एक साल पहले सांसद ने लिया था गोद

चतरा में साल 2020 में भाजपा सांसद सुनील सिंह ने मयूरहंड प्रखंड के हुसिया पंचायत को गोद लिया था. इसे आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया. लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस है. इस पंचायत को लोग आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं. इस गांव की तस्वीरें बताती हैं कि पिछले एक साल में सांसद सुनील सिंह ने कोई खास काम नहीं किया है.

देखें स्पेशल रिपोर्ट

बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल

पंचायत में सड़क की बदतर स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बरसात के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल है. कीचड़ होने के कारण गाड़ी पार होनी मुश्किल है. पंचायत और प्रखंड कार्यालय पहुंचने के लिए लोगों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है. कृषि को छोड़ रोजगार का कोई और साधन नहीं है. बच्चों के लिए खेल का मैदान भी नहीं है. सांसद द्वारा गोद लिए जाने के बाद लोगों को उम्मीद बंधी थी अब सिंचाई की नई योजना जमीन पर उतरेगी जिससे वे खेती कर सकेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
बरसात के दिनों में बाइक से निकलना में मतलब जान हथेली पर लेकर चलना.

हुसिया पंचायत में पुरानी सिंचाई व्यवस्था जर्जर हो चुकी है. चेकडैम की हालत भी अच्छी नहीं है. चेकडैम में सालों भर पानी नहीं रहता है. खेती में काफी दिक्कत होती है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बीमार पड़े तो सीधा हजारीबाग या चतरा जाना पड़ता है क्योंकि मयूरहंड प्रखंड के अस्पताल में अच्छा इलाज नहीं होता है.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
बारिश के दिनों में यहां लोगों को काफी दिक्कत होती है.

ये है ओडीएफ की सच्चाई...

झारखंड सरकार ने पहले ही पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित कर दिया है लेकिन इस पंचायत में कई परिवारों को अब तक शौचालय नसीब नहीं हो सका है. सैकड़ों परिवारों को आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. कई घरों तक नल पहुंचा है लेकिन नल में पानी नहीं आता. लोगों ने कहा कि आदर्श पंचायत की घोषणा करने के बाद सांसद सुनील सिंह केवल महुवरी गांव पहुंचे और लोगों से सिर्फ आश्वासन दिया गया.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
पंचायत में कई जगह नल तो लग गए हैं लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है.

भाजपा जिलाध्यक्ष बोले-संकल्प लिया है तो उसे पूरा भी करेंगे सांसद

भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि हुसिया पंचायत में विकास का खाका तैयार किया जा रहा है. गांव में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की कवायद तेज कर दी गई है. सांसद सुनील सिंह ने पंचायत में विकास करने का संकल्प लिया है और यह संकल्प पूरा होगा. गांव में बहुत जल्द विकास के काम होंगे.

चतरा: 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उसी साल 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर सांसद आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी. सांसदों और विधायकों से एक-एक गांव गोद लेने की अपील की थी. योजना तो जोर-शोर ने बनी लेकिन कई गांवों में यह धरातल पर नहीं उतर सकी.

यह भी पढ़ें: एक ऐसा गांव जहां हाथ में चप्पल लेकर घूमते हैं लोग, जानिये क्यों ?

एक साल पहले सांसद ने लिया था गोद

चतरा में साल 2020 में भाजपा सांसद सुनील सिंह ने मयूरहंड प्रखंड के हुसिया पंचायत को गोद लिया था. इसे आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया. लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस है. इस पंचायत को लोग आज भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं. इस गांव की तस्वीरें बताती हैं कि पिछले एक साल में सांसद सुनील सिंह ने कोई खास काम नहीं किया है.

देखें स्पेशल रिपोर्ट

बरसात में पैदल चलना भी मुश्किल

पंचायत में सड़क की बदतर स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बरसात के दिनों में पैदल चलना भी मुश्किल है. कीचड़ होने के कारण गाड़ी पार होनी मुश्किल है. पंचायत और प्रखंड कार्यालय पहुंचने के लिए लोगों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है. कृषि को छोड़ रोजगार का कोई और साधन नहीं है. बच्चों के लिए खेल का मैदान भी नहीं है. सांसद द्वारा गोद लिए जाने के बाद लोगों को उम्मीद बंधी थी अब सिंचाई की नई योजना जमीन पर उतरेगी जिससे वे खेती कर सकेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
बरसात के दिनों में बाइक से निकलना में मतलब जान हथेली पर लेकर चलना.

हुसिया पंचायत में पुरानी सिंचाई व्यवस्था जर्जर हो चुकी है. चेकडैम की हालत भी अच्छी नहीं है. चेकडैम में सालों भर पानी नहीं रहता है. खेती में काफी दिक्कत होती है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बीमार पड़े तो सीधा हजारीबाग या चतरा जाना पड़ता है क्योंकि मयूरहंड प्रखंड के अस्पताल में अच्छा इलाज नहीं होता है.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
बारिश के दिनों में यहां लोगों को काफी दिक्कत होती है.

ये है ओडीएफ की सच्चाई...

झारखंड सरकार ने पहले ही पूरे राज्य को ओडीएफ घोषित कर दिया है लेकिन इस पंचायत में कई परिवारों को अब तक शौचालय नसीब नहीं हो सका है. सैकड़ों परिवारों को आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है. कई घरों तक नल पहुंचा है लेकिन नल में पानी नहीं आता. लोगों ने कहा कि आदर्श पंचायत की घोषणा करने के बाद सांसद सुनील सिंह केवल महुवरी गांव पहुंचे और लोगों से सिर्फ आश्वासन दिया गया.

Husiya Panchayat adopted by MP Sunil Singh
पंचायत में कई जगह नल तो लग गए हैं लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है.

भाजपा जिलाध्यक्ष बोले-संकल्प लिया है तो उसे पूरा भी करेंगे सांसद

भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि हुसिया पंचायत में विकास का खाका तैयार किया जा रहा है. गांव में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की कवायद तेज कर दी गई है. सांसद सुनील सिंह ने पंचायत में विकास करने का संकल्प लिया है और यह संकल्प पूरा होगा. गांव में बहुत जल्द विकास के काम होंगे.

Last Updated : Jun 28, 2021, 9:15 PM IST
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