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'कुर्सी की लालच में बीजेपी छोड़े थे बाबूलाल, आज फिर कुर्सी की चाहत में खिला रहे कमल' - झारखंड की राजनीति

भाकपा माले के बगोदर विधायक विनोद सिंह ने बाबूलाल मरांडी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि बाबूलाल का भाजपा से अलग होने का कारण सिर्फ और सिर्फ कुर्सी का लालच था. इस लिए मरांडी ने भाजपा का दामन छोड़ा था और फिर से कुर्सी की लालच में भाजपा में शामिल हो रहे हैं.

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विधायक विनोद सिंह और बाबूलाल मरांडी
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Published : Feb 12, 2020, 1:03 PM IST

रांची: झारखंड में चुनाव के बाद भी राजनीतिक हलचल लगातार जारी है. पिछले दिनों बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी जेवीएम का भाजपा में विलय होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है. भारतीय जनता पार्टी का जेवीएम में विलय होने को लेकर जेवीएम के अंदर के नेताओं में विरोध है, तो वहीं अन्य पार्टियों के नेता भी लगातार बाबूलाल मरांडी के इस फैसले पर उन पर हमला करते नजर आ रहे हैं.

देखें पूरी खबर

'कुर्सी की लालच'

इसी को लेकर भाकपा माले के बगोदर विधायक विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के भाजपा से अलग होने का कारण सिर्फ और सिर्फ कुर्सी का लालच था. इस लिए बाबूलाल मरांडी ने भाजपा का दामन छोड़ा था. उन्होंने कहा कि आज बाबूलाल मरांडी फिर से कुर्सी की लालच में भाजपा में शामिल हो रहे हैं, जो सार्वजनिक है.

ये भी पढ़ें- संथाल परगना के छात्रों को मिलेगा 9.5 करोड़ का ये खास तोहफा, हाईटेक होंगी सुविधाएं

'सीएम बनने की है उन्हें चाहत'

बाबूलाल मरांडी और भाजपा पर निशाना साधते हुए विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी कभी भी किसी सिद्धांतिक और नैतिक विचार के साथ भाजपा से अलग नहीं हुए थे. वह सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की चाहत में अपनी पार्टी का गठन किया था और आज फिर मुख्यमंत्री बनने की चाहत में ही अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर रहे हैं.

'सिद्धांतों-परंपराओं पर बाबूलाल ने सवाल खड़ा कर दिया'

विधायक विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के भाजपा में जाने के बाद उनकी मुख्यमंत्री बनने की चाहत और जनता को ठगने की मनसा की पुष्टि हो गई है, जो निश्चित रूप से राजनीतिक सिद्धांतों और परंपराओं पर बाबूलाल मरांडी ने सवाल खड़ा कर दिया है.

ये भी पढ़ें- पुलिस-पब्लिक में हो बेहतर संबंध, पुलिसकर्मियों को दी जा रही ट्रेनिंग

17 फरवरी को कार्यक्रम

बता दें कि बाबूलाल मरांडी सहित जेवीएम के भाजपा में विधिवत विलय होने कि प्रस्ताव पारित कर दी गई है. इसको लेकर भाजपा 17 फरवरी को कार्यक्रम का आयोजन भी करेगी.

रांची: झारखंड में चुनाव के बाद भी राजनीतिक हलचल लगातार जारी है. पिछले दिनों बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी जेवीएम का भाजपा में विलय होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है. भारतीय जनता पार्टी का जेवीएम में विलय होने को लेकर जेवीएम के अंदर के नेताओं में विरोध है, तो वहीं अन्य पार्टियों के नेता भी लगातार बाबूलाल मरांडी के इस फैसले पर उन पर हमला करते नजर आ रहे हैं.

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'कुर्सी की लालच'

इसी को लेकर भाकपा माले के बगोदर विधायक विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के भाजपा से अलग होने का कारण सिर्फ और सिर्फ कुर्सी का लालच था. इस लिए बाबूलाल मरांडी ने भाजपा का दामन छोड़ा था. उन्होंने कहा कि आज बाबूलाल मरांडी फिर से कुर्सी की लालच में भाजपा में शामिल हो रहे हैं, जो सार्वजनिक है.

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'सीएम बनने की है उन्हें चाहत'

बाबूलाल मरांडी और भाजपा पर निशाना साधते हुए विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी कभी भी किसी सिद्धांतिक और नैतिक विचार के साथ भाजपा से अलग नहीं हुए थे. वह सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की चाहत में अपनी पार्टी का गठन किया था और आज फिर मुख्यमंत्री बनने की चाहत में ही अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर रहे हैं.

'सिद्धांतों-परंपराओं पर बाबूलाल ने सवाल खड़ा कर दिया'

विधायक विनोद सिंह ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के भाजपा में जाने के बाद उनकी मुख्यमंत्री बनने की चाहत और जनता को ठगने की मनसा की पुष्टि हो गई है, जो निश्चित रूप से राजनीतिक सिद्धांतों और परंपराओं पर बाबूलाल मरांडी ने सवाल खड़ा कर दिया है.

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17 फरवरी को कार्यक्रम

बता दें कि बाबूलाल मरांडी सहित जेवीएम के भाजपा में विधिवत विलय होने कि प्रस्ताव पारित कर दी गई है. इसको लेकर भाजपा 17 फरवरी को कार्यक्रम का आयोजन भी करेगी.

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