रांचीः झारखंड के सत्ता के गलियारे में बेहद दमदार रसूख रखने वाले प्रेम प्रकाश उर्फ पीपी के घर से बरामद एके 47 राइफल पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है. एके-47 बरामदगी मामले को लेकर अब रांची में एफआईआर होना तय माना जा रहा है(Ranchi Police will have to FIR ). क्योंकि अगर एफआईआर नहीं होता है तो इस मामले को लेकर ईडी कोर्ट पहुंच जाएगी. पूरे मामले में प्रेम प्रकाश के कुछ करीबी अफसरों की भूमिका भी बेहद संदिग्ध है.
ईडी ने दिया एफआईआर का निर्देशः दरअसल प्रेम प्रकाश के घर से आरक्षी मुकेश कुमार और श्यामल होरो के सरकारी एके 47 बरामदगी मामले में सोमवार को ही ईडी ने रांची पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है(Ranchi Police will have to FIR). ईडी ने रांची पुलिस के अधिकारियों को कहा है कि एके 47 बरामदगी केस में कानूनी कार्रवाई करें, ऐसा नहीं करने पर ईडी इस संबंध में कोर्ट जाएगी. ईडी की जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सीएम हाउस में थी, लेकिन बजाय वहां जाने के दोनों प्रेम प्रकाश के यहां ही ड्यूटी करते थे. दोनों निलंबित आरक्षियों से ईडी ने पूछताछ कर ली है. रांची एसएसपी किशोर कौशल ने इस मामले में लापरवाही के आरोप में दोनों आरक्षियों को निलंबित किया है. वहीं सार्जेंट मेजर अभिनव पाठक को भी शोकॉज किया गया है. ईडी के सामने दोनों बॉडीगार्ड ने यह भी स्वीकार किया है कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने को कहा वही कर रहे थे.
सचिव रैंक के अधिकारी ने की थी बॉडीगार्ड के लिए पैरवीः प्रेम प्रकाश के घर पर बॉडीगार्ड कैसे रह रहे थे, यह बड़ा सवाल है. इस मामले में प्रेम प्रकाश के करीबी कई बड़े अफसर भी एजेंसी की रडार पर हैं. प्रेम प्रकाश ने पूछताछ के दौरान बताया है कि पहली दफा उसे पिछली सरकार में एक सचिव रैंक के अधिकारी की पैरवी पर बॉडीगार्ड मिले थे. तब उसे शराब दुकानों के मैनपावर की सप्लाई का काम मिला था. प्रेम ने बताया है कि कुछ आईएएस अधिकारियों के साथ उसके अच्छे संबंध थे, जिनके जरिए उसने लाइजनिंग का काम किया.
एफआईआर दर्ज कर देनी होगी ईडी को जानकारीः मिली जानकारी के अनुसार एके 47 मामले में रांची पुलिस के द्वारा अरगोड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जानकारी ईडी को भी देनी होगी.