दुमकाः राज्यपाल रमेश बैस (Governor Ramesh Bais) पूरे परिवार के साथ मंदिरों के गांव मलूटी (Maluti Village) पहुंचे, जहां उन्होंने मां मौलिक्षा मंदिर (Maa Mauliksha Mandir) में विधि विधान से पूजा अर्चना की. मां मौलिक्षा की पूजा करने के बाद राज्यपाल ने मंदिरों के सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान टेराकोटा पद्धति से बने इन मंदिरों की नक्काशी और कारीगरी को देख मंत्रमुग्ध हो गए.
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राज्यपाल ने मलूटी गांव में लोगों से बातचीत की और मंदिरों से संबंधित जानकारी ली. इसके साथ ही राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिरों के रखरखाव पर विशेष ध्यान दें, ताकि मंदिरों की खूबसूरती बरकरार रहे. बता दें कि मंदिरों के गांव मलूटी में 17वीं और 18वीं सदी में बने 68 मंदिर शेष बचे हुए हैं. पहले मंदिरों की संख्या 108 हुआ करती थी. लेकिन देखरेख के अभाव में मंदिर जर्जर होते चले गए. साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास किया था, जिसपर अब भी काम चल रहा है.
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के (independence day in Dumka) अवसर पर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य की उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में झंडोत्तोलन (Governor Ramesh Bais hoisted national flag) किया. राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण किया और तिरंगे को सलामी दी. इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि विकास का लाभ राज्य के सभी वर्गों को विशेषकर वंचित वर्गों तक पहुंचे सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से सरकार सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी. वहीं जो लोग राज्यपाल के हाथों सम्मानित हुए निश्चित तौर पर उन्हें और उनके अन्य सहकर्मियों को ज्यादा बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी.