ऊना: उपायुक्त राघव शर्मा ने मंगलवार को राजकीय मॉडल स्कूल समूरकलां का निरीक्षण किया. उन्होंने स्कूल में बच्चों एवं अध्यापकों के स्वस्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल में अपने जा रहे कोविड प्रोटोकॉल की जानकारी हासिल की.
डीसी ने पानी की टंकियों की नियमित साफ-सफाई, बच्चों की थर्मल स्कैंनिग कर उसका रिकॉर्ड रखने, बच्चों को उचित दूरी पर बिठाने, बार- बार हाथ धोने की अनुपालना करने के निर्देश दिए गए.
राघव शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन ने टीच ऊना अभियान के तहत जिला के दो सरकारी स्कूलों को अच्छी सुविधाएं एवं शैक्षणिक मौहाल देने के लिए मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है. इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बना कर बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई करवाई जा रही है, ताकि उन्हें विषयों की बेहतर समझ हो.
बस मालिक ने बस को बंद कर दिया था
उन्होंने कहा कि राजकीय मॉडल स्कूल समूर कलां में बच्चों को लाने एवं ले जाने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. कोरोना महामारी के कारण व आर्थिक तंगी के कारण बस मालिक ने बस को बंद कर दिया था, लेकिन जिला प्रशासन एवं स्कूल प्रबंधन कमेटी ने बस मालिक की आर्थिक स्थिति एवं बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए बस को पुनः शुरू करवाया.
वहीं, बस सेवा बहाल होने के बाद लगभग 150 बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए बस की सुविधा मिलेगी. जिलाधीश ने स्कूल प्रबंधन एवं अध्यापकों के प्रयासों की सराहना करते हुए जिला के अन्य सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने का आहवान किया.
स्कूल की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान उप-निदेशक (प्रारम्भिक शिक्षा) देवेंदर चंदेल ने उपायुक्त को बताया कि इस स्कूल में पहले मात्र 65 बच्चे ही थे, लेकिन अब बच्चों की संख्या 252 हो गई है. उन्होंने स्कूल की कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी भी दी.
इस दौरान अनुभाग अधिकारी संजय सांख्यान, मुख्याध्यापक राज कुमार, पीटीएफ प्रधान विनोद शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, सतविन्दर सिंह, पूजा देवी, मीनू बाला तथा एसएमसी प्रधान जसविन्दर कुमार उपस्थित रहे.
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