शिमलाः प्रदेश को कॉलेजों को 5 अप्रैल से पूर्व छात्रों के प्रैक्टिकल करवाने होंगे. इसके तहत इन दिनों कॉलेजों में प्रैक्टिकल शुरू हो गए हैं. दरअसल यूजी की फाईनल परीक्षाएं अप्रैल व मई में आयोजित की जा सकती हैं. ऐसे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को 15 मार्च से 5 अप्रैल तक छात्रों के प्रैक्टिकल करवाने के निर्देश जारी किए हैं.
कोरोना एसओपी का पालन करने के निर्देश
कॉलेजों को निर्देश हैं कि कोविड महामारी के तहत वे अपने स्तर पर प्रैक्टिल करवाए. इसके लिए कॉलेज में लैब और स्टाफ की सुविधा अनुसार छात्रों के प्रैक्टिकल सोश्ल डिस्टेंसिंग के साथ करवाए जाएं. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इसके लिए एमएचआरडी और राज्य सरकार द्वारा जारी एसओपी का पालन करने के निर्देश दिए हैं.
कुछ कॉलेजों में 15 मार्च से शुरू हो चुके हैं प्रैक्टिकल
राजधानी के कुछ कॉलेजों में 15 मार्च से प्रैक्टिकल शुरू हो गए हैं. इसके तहत शिमला के सबसे बड़े कन्या महाविद्यालय आरकेएमवी में प्रैक्टिकल शुरू हो चुके हैं. मंगलवार को भी छात्राएं यहां प्रैक्टिकल देने पहुंची. आरकेएमवी कॉलेज में ग्रुप बनाकर दो दो सत्र में प्रैक्टिकल करवाएं जा रहे हैं. मंगलवार को आरकेएमवी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष संगीत विषय की छात्राओं के प्रैक्टिकल सुबह और शाम के सत्र में करवाए गए.
वहीं, बीए दूसरे वर्ष की छात्राओं के प्रैक्टिकल 17 मार्च, बीए तीसरे वर्ष की छात्राओं प्रैक्टिकल 18 और 19 मार्च को करवाएं जाएंगे. आरकेएमवी कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. नवेंदु शर्मा ने बताया कि कॉलेज में कोविड नियमों का पालन करते हुए प्रैक्टिकल करवाए जा रहे है. छात्राओं को अलग-अलग दिनों में प्रैक्टिकल के लिए बुलाया गया है और दो सत्रों में प्रैक्टिकल करवाए जा रहे हैं.
कोटशेरा कॉलेज शिमला में भी नॉन मेडिकल विषय की प्रैक्टिकल शुरू
इसके अलावा कोटशेरा कॉलेज शिमला में भी नॉन मेडिकल विषय की प्रैक्टिकल शुरू हो गए हैं. वही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में 23 मार्च से प्रैक्टिकल शुरू होंगे. कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. सीबी मेहता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत 5 अप्रैल से पूर्व प्रैक्टिकल करवाएं जाएंगे. उन्होंने बताया कि संजौली कॉलेज में ज्योग्राफी, शारीरिक शिक्षा, कॉमर्स , साईंस विषय के छात्रों के प्रैक्टिकल होंगे और अलग-अलग समय पर ये प्रैक्टिकल करवाए जाएंगे ताकि कोविड के नियमों का पूरा पालन हो.
कॉलेजों को प्रैक्टिकल परीक्षा करवाने के बाद छात्रों को दिए अंकों को प्रदेश विश्वविद्यालय को भेजना होगा. वहीं छात्रों की इंटरनल असेस्मेंट भी लिखित परीक्षा से पूर्व कॉलेजों को भेजनी होगी.
कॉलेजों को समय से छात्रों के अवॉर्ड भेजने के निर्देष
यहां बता दें कि कॉलेजों द्वारा भेजे गए अवॉर्ड अथवा अंक छात्रों के फाइनल परीक्षा परिणाम में जोड़े जाते हैं. ऐसे में छात्रों के परिणामों में देरी न हो इसके लिए कॉलेजों को समय से छात्रों के अवॉर्ड भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
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